स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे भारत के टैंकर, ईरान ने कर दिया एलान; भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति की वार्ता के बाद ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ...और पढ़ें
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ईरान ने निभाई अपनी दोस्ती पीएम मोदी की बातचीत के बाद दिखा असर (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। एक दिन पहले पीएम नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई वार्ता और पिछले कुछ दिनों के भीतर ईरान के विदेश मंत्री से भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की चार बार टेलीफोन पर की गई बातचीत का असर दिखने लगा है।
ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारतीय जहाजों को निकलने का रास्ता मिल सकता है। इस बात के संकेत नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने दी है।
'भारत हमारा मित्र है'
एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मीडिया ने इस बारे में जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय जहाजों को जाने का रास्ता ईरान देगा तो फताली ने कहा कि, “हां-हां, आप लोग अगले दो-तीन घंटों में ऐसा होता देखेंगे। भारत हमारा मित्र है और हम एक समान हितों के लिए काम करते हैं। दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों मे सहयोग होगा।''
ईरान के राजदूत फातेही को यहां अंतरराष्ट्रीय कुदस दिवस कांफ्रेंस में विशेष अतिथि के तौर पर बुलाया गया था।फातेही ने इस कांफ्रेंस के बाद पत्रकारों से बात की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच काफी अच्छे संबंध हैं। एक दिन पहले ही दोनों देशों के उच्चपदस्थ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है।
उन्होंने कहा, "हम अल्लाह से प्रार्थना करते हैं कि वह हर तरह की परेशानियों को दूर करे। जहां तक भारतीय जहाजों को अनुमति देने की बात है तो आप इस बारे में जल्द ही अच्छी खबर सुनेंगे।" गुरुवार देर शाम पीएम मोदी की राष्ट्रपति पेजेशकियन से हुई वार्ता में भी भारत की तरफ से ऊर्जा सुरक्षा और ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा का मसला उठाया गया था।
भारतीय जहाजों के लिए ईरान ने खोला रास्ता
इस मुद्दे को विदेश मंत्री जयशंकर भी लगातार ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ उठा रहे हैं। आज ही यह सूचना दी गई है कि ईरान से 117 भारतीय सड़क मार्ग से अर्मेनिया पहुंच गये हैं और वहां से अब वो सभी भारत आएंगे।
पश्चिम एशिया में विवाद शुरू होने के बाद यह पहला मौका है कि ईरान की तरफ से साफ तौर पर कहा गया है कि वह भारतीय जहाजों को जाने का रास्ता (होर्मुज जलडमरुमध्य से) देगा। शुक्रवार को भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि होर्मुज मार्ग पर कई दिनों से 28 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं।
इनमें 23 जहाज होर्मुज के पश्चिमी हिस्सों में और चार पूर्वी हिस्सों में है। पूर्वी हिस्से वाले जहाजों में से एक भारतीय जहाज अब वहां से निकला है लेकिन उसमें किसी अफ्रीकी देश के लिए गैसोलीन भरा हुआ है।
बाद में पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों कहा है कि अगर होर्मुज मार्ग से सभी भारतीय जहाजों को निकलने का रास्ता मिल जाए तो देश में पेट्रोलियम आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चतता काफी हद तक दूर की जा सकती है। पश्चिम एशिया संकट के पैदा होने के साथ ही होर्मुज जल मार्ग बंद पड़ा हुआ है।
ईरान की अमेरिका को चेतावनी
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका या उसे सहयोग करने वाले किसी भी देश के जहाज को वहां से गुजरने नहीं देगा। अभी तक आधे दर्जन जहाजों पर हमले भी हुए हैं। इसकी वजह से भारत समेत तकरीबन सभी एशियाई देशों में ऊर्जा संकट महसूस किया जा रहा है।
कच्चे तेल व प्राकृतिक गैस की कीमतों पिछले दस दिनों में काफी बढ़ चुकी हैं। भारत समेत तकरीबन सभी वैश्विक पूंजी बाजारों में भारी गिरावट का रुख बन गया है। ऐसे में होर्मुज मार्ग को खोलने से भारत हर तरह से काफी राहत की सांस ले सकता है।
