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खरगे, खुर्शीद और खेड़ा... खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान ने भारत से किस-किसको बुलाया?

Published: Wed, 01 Jul 2026 07:32 PM (IST)Updated: Wed, 01 Jul 2026 07:49 PM (IST)

ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई भारतीय नेताओं को आमंत्रित किया है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार में बुलाए गए भारतीय नेता (फोटो-पीटीआई)

खामेनेई के अंतिम संस्कार में बुलाए गए भारतीय नेता (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. ईरान ने दिवंगत सुप्रीम लीडर खामेनेई के अंतिम संस्कार में बुलाया।

  2. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडरगे भी आमंत्रित लोगों में शामिल।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के कई लोगों को आमंत्रित किया गया है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान ने आज बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा को खामेनेई के अंतिम संस्कार में बुलाया है।

पीएम मोदी को भी खामेनेई के अंतिम संस्कार में बुलाया

ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया 4 जुलाई से शुरू होगी और कई दिनों ये कार्यक्रम चलेंगे।

ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, भारत ने प्रतिनिधित्व करने के लिए बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा को चुना है।

अंतिम संस्कार में भारत के कई नेताओं की भागीदारी इस तरफ इशारा करती है कि भारत ने पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान भी कहा था कि भारत ईरान का दोस्त बना रहेगा।

ईद-उल-अजहा के मौके पर खामेनेई के उत्तराधिकारी, मोजतबा खामेनेई ने भी बधाई के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया था और भरोसा जताया था कि भारत-ईरान संबंध और गहरे होते रहेंगे।

एएनआइ के मुताबिक, मोजतबा ने कहा था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुझे ईद-उल-अजहा के मौके पर आपकी बधाई का संदेश मिला है। मैं अपनी सच्ची सराहना व्यक्त करते हुए और बदले में बधाई देते हुए, यह भरोसा जताता हूं कि हमारे दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित ऐतिहासिक दोस्ती, हमारी दोनों सरकारों की कोशिशों से और मजबूत और विस्तृत होती रहेगी।'

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