नई दिल्ली, जेएनएन। नॉर्वे की सांसद त्रिने स्की ग्रांडे (Trine Skei Grande) ने फैक्ट चेकर्स कम्युनिटी को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया है। उन्होंने इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क (International Fact Checking Network, IFCN) को शांति के नोबेल पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नॉमिनेट करने की घोषणा करते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि हम इसे ऐसे वक्त में रह रहे हैं जब झूठ से लड़ना बेहद महत्वपूर्ण है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) ने इसे अपने भाषण में भी दर्ज किया है। 

ग्रांडे (Trine Skei Grande) ने आगे लिखा, 'इस साल मैं नोबेल पीस प्राइज (Nobel Peace Prize) के लिए फैक्ट चेकर्स  (International Fact Checking Network, IFCN) को नॉमिनेट कर रही हूं। उन्हें हमारे सपोर्ट की जरूरत है।' बता दें कि बाइडन (Joe Biden) ने बीते बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अपने भाषण में बाइडन (Joe Biden) ने परोक्ष रूप से अमेरिका में हुई हिंसा के संदर्भ में कहा था कि नागरिकों और नेताओं की जिम्मेदारी है कि वो सत्य की रक्षा करें और झूठ को हराएं। 

नोबेल पीस प्राइज (Nobel Peace Prize) के लिए नॉमिनेशन की जानकारी देते हुए इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क (International Fact Checking Network, IFCN) के डायरेक्टर बेबर्स ऑर्सेक (Baybars Orsek)  ने पूरे फैक्ट चेकिंग कम्यूनिटी की तरफ से इसके लिए शुक्रिया कहा है। उन्होंने (Baybars Orsek)  ट्वीट करते हुए लिखा है कि फैक्ट चेकिंग कम्युनिटी और IFCN इस नॉमिनेशन के लिए शुक्रगुजार है। उन्होंने आगे लिखा कि यह नॉमिनेशन बताता है कि सच का कितना महत्व है। बेबर्स (Baybars Orsek)  ने अपने ट्वीट में नोबेल पीस प्राइज नॉमिनेशन के लिए ग्रांडे का शुक्रिया भी अदा किया है। 

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