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इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़, यूरोप से कूरियर के जरिए मुंबई, दिल्ली और गोवा समेत कई शहरों में सप्लाई

Published: Sun, 05 Apr 2026 08:20 AM (GMT+05:30)

तेलंगाना की EAGLE टीम ने दो साल की जांच के बाद एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।

इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़(फाइल फोटो)

इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना की जांच टीम (EAGLE) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो फ्रांस और बेल्जियम जैसे यूरोपीय देशों के कूरियर मार्गों का उपयोग करके भारत में कोकीन की तस्करी कर रहा था। यह जांच पिछले दो वर्षों से चल रही थी।

जांच टीम ने पूरे देश में एक मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है, जो देश के लगभग हर कोने में नशीले पदार्थों को पहुंचाती थी। इसमें हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, गोवा और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों के अलावा अहमदनगर, लुधियाना, जालंधर, वलसाड और बेलगावी जैसे छोटे शहर भी शामिल हैं।

यूरोपीय कूरियर का उपयोग

2024 में गिरफ्तार नाइजीरियाई नागरिक इवाला उडोका स्टेनली को इस नेटवर्क का सरगना पाया गया। विस्तृत जांच के बाद एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (EAGLE) के अधिकारियों ने खुलासा किया कि उसने कथित तौर पर कई यूरोपीय देशों, मुख्य रूप से फ्रांस से कूरियर सेवाओं का उपयोग करके नशीले पदार्थ मंगवाए थे।

अधिकारियों ने बताया कि यह एक दुर्लभ मामला है, जिसमें नशीले पदार्थों को फ्रांस और नीदरलैंड के रास्ते भारत भेजा गया था। फरवरी 2024 में अपनी गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारियों ने स्टेनली को देश के सबसे बड़े नशीले पदार्थों के वितरकों में से एक बताया था।

जांच में पता चला कि वह कथित तौर पर नीदरलैंड स्थित एक सूत्र के माध्यम से कोकीन और नशीली गोलियां प्राप्त करता था, जिनकी खेप फ्रांस और बेल्जियम से भेजी जाती थी।

जमानत पर बाहर मुख्य आरोपी

EAGLE के जासूसों की मदद से पंजागुट्टा पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र के आधार पर स्टेनली वर्तमान में जमानत पर बाहर रहते हुए मुकदमे का सामना कर रहा है। जांचकर्ताओं ने इस मामले में 22 आरोपियों के नाम शामिल किए हैं और अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें स्टेनली भी शामिल है, जबकि कई अन्य अभी भी फरार हैं।

यह नेटवर्क भारत के भीतर तक फैला है। पुणे के एक कोरियोग्राफर सौरभ को स्टेनली के सहयोगी राफेल ने ऊंचे कमीशन का लालच देकर इस रैकेट में शामिल कर लिया था। उसे अंतरराष्ट्रीय पार्सल प्राप्त करने और निर्देशानुसार उन्हें गोवा तथा अन्य शहरों में मौजूद संपर्कों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।

जांच टीम ने पाया कि पार्सल लेने के बाद सौरभ से अपेक्षा की जाती थी कि वह गोवा में विभिन्न व्यक्तियों तक नशीले पदार्थ पहुंचाए, और राफेल उसे हर खेप मिलने के बाद प्राप्तकर्ताओं के बारे में जानकारी देता था।

रैकेट कैसे करता है काम

सौरभ के पुणे स्थित घर पर कम से कम छह खेप कोकीन डिलीवर हुई थीं, प्रत्येक खेप में लगभग 3 किलोग्राम कोकीन थी। हर खेप में यूरोपीय देशों से कम से कम 3 किलो कोकीन भेजी जाती थी। इन जानकारियों के बाद EAGLE अधिकारियों ने केंद्रीय एजेंसियों को कार्गो की जांच कड़ी करने के लिए अलर्ट किया।

सौरभ ने कहा कि उसे गुमराह किया गया था और यकीन दिलाया गया था कि पार्सल में कपड़े हैं। गोवा और बेंगलुरु जैसे शहरों में हर डिलीवरी के लिए उसे 30,000 रुपये से 80,000 रुपये के बीच दिए जाते थे। कई बार स्टेनली ने गोवा में खुद जाकर खेप ली थी।

पूरे देश में कैसे की जाती है सप्लाई?

पुलिस ने बताया कि स्टेनली इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में एक अहम कड़ी के रूप में काम करता था, जो सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों का तालमेल बिठाता था। वह नाइजीरिया में बैठे अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में रहता था, जो पूरे भारत में ग्राहकों तक डिलीवरी पहुंचाने के निर्देश देते थे।

वह दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, गोवा और अन्य जगहों पर सक्रिय ड्रग पेडलर्स से भी ड्रग्स लेता था, जिनमें गोवा की जेल में बंद कुछ लोग भी शामिल थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्टेनली के पूरे भारत में 500 ग्राहक हैं। उसके नेटवर्क के जरिए, उसके निर्देशों के आधार पर सामान पहुंचाया जाता था। उसने ड्रग्स को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने और पहुंचाने के लिए अपनी टीम में टैक्सी ड्राइवरों को भी रखा था।

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