नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भले ही पिछले दिनों यह कहा था कि उसे दाउद के ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में ही छिपा है। यह खुलासा उसके फोन टेप के जरिये हुआ है। इसके बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया कि सरकार जल्दी ही दाऊद को पकड़कर लाएगी।

जानकारों के अनुसार, वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में पाकिस्तान में छिपा है। चार महीने पहले खुफिया एजेंसियों ने दाऊद इब्राहिम की तीन फोन कॉल ट्रेस की थीं, जिससे पता चला है कि दाऊद ने पाकिस्तान से जावेद को दुबई में फोन लगाया था। खुफिया एजेंसियों की इस पड़ताल से भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित के इस झूठ का भी पर्दाफाश हो गया कि दाऊद पाकिस्तान में नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, दुबई और भारत में दाऊद के अवैध धंधों का संचालन जावेद ही करता है। इसके अलावा दाऊद अपने एक और गुर्गे तारिक से भी लगातार संपर्क में रहता है। जावेद को तीन कॉल करने से पहले दाऊद ने इसे ही पाकिस्तान से फोन लगाया था।

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दाऊद के रियल इस्टेट, नारकोटिक्स, हवाला, सट्टेबाजी और फिक्सिंग के अवैध धंधे जावेद चलता है। हालांकि, तारिक के बारे में अभी अधिक जानकारी नहीं है।किसी जमाने में दाऊद के करीबी रहे तारिक परवीन को उत्तर प्रदेश एटीएस ने इसी साल की शुरुआत में गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक दाऊद ने फोन पर सिर्फ अपने अवैध कारोबार से जुड़ी बातें ही करता है।

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दाऊद के फोन को ट्रेस किया जाना ऐसे दौर में खासा अहम है, जबकि पीएम मोदी ने आईबी और रॉ को दाऊद और उसके अवैध कारोबार से निपटने के लिए आक्रामक रुख अपनाने का आदेश दिया है। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभल जल्द ही दाऊद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।

दाऊद के फंडिंग के नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश में मोदी सरकार मौजूद दाऊद की तीन हजार करोड़ रुपए की संपत्ति सीज करने की तैयारी कर रही है। इस दिशा में सरकार ब्रिटेन, मोरक्को, स्पेन और तुर्की से संपर्क करेगी।

Edited By: anand raj