सप्ताह में 70 घंटे काम करने की सलाह देने वाले नारायण मूर्ति ने युवाओं को किया अलर्ट, AI के लिए कही ये बड़ी बात
नारायण मूर्ति ने युवाओं को AI से जुड़ी चिंताओं पर संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि AI को दुश्मन नहीं, बल्कि एक टूल समझना चाहिए।

युवाओं का दुश्मन नहीं AI, नारायण मूर्ति ने दिया संदेश (फोटो-रॉयटर्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति अपने काम के साथ ही बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। नारायण मूर्ति के 70 घंटे वर्किंग वीक के बयान ने देशभर में बहस छेड़ दी थी।
नारायण मूर्ति के इस बयान के कुछ महीनों बाद अब इंफोसिस के फाउंडर ने AI और युवाओं में इसे लेकर बढ़ रही चिंताओं पर एक मैसेज दिया है।
नारायण मूर्ति ने AI को लेकर कही ये बात
नारायण मूर्ति ने युवाओं को AI से लगने वाले डर कि मशीनें व्हाइट-कॉलर जॉब्स की जगह ले सकती हैं, इस पर भी बात की। नारायण मूर्ति ने कहा कि जैसे-जैसे ग्लोबल और इंडियन मार्केट में AI टूल्स को लेकर चिंता बढ़ रही है लेकिन इसे लेकर युवा घबराएं नहीं, बल्कि तैयारी करें।
AI में बनें मास्टर
जनरेटिव AI के इस्तेमाल के बारे में बात करते हुए इंफोसिस के फाउंडर ने तर्क दिया कि टेक्नोलॉजी अपने आप सबको बराबर नहीं करती। इसके बजाय, यह उन लोगों को इनाम देती है जो बेहतर सोचते हैं और तेजी से सीखते हैं।
नारायण मूर्ति ने मनी कंट्रोल को बताया, 'प्रोडक्टिविटी के लिए जनरेटिव AI का इस्तेमाल करने के मेरे अपने एक्सपेरिमेंट्स ने मुझे दिखाया है कि एक स्मार्ट दिमाग इन असिस्टिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बेहतर क्वालिटी और बेहतर लेवल की प्रोडक्टिविटी पाएगा।'
युवाओं का दुश्मन नहीं AI
नारायण मूर्ति ने आगे कहा, 'युवाओं को AI को दुश्मन के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे टूल के तौर पर देखना चाहिए जिसे समझना चाहिए और समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए।'
मूर्ति के मुताबिक, 'इन टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करने, उन्हें मददगार तरीके से इस्तेमाल करने और उन्हें अनुशासन, कड़ी मेहनत और लगातार सीखने के साथ जोड़ने की जिम्मेदारी लोगों की है।'
यह भी पढ़ें- चीन की मिलिट्री से निकाले जा रहे टॉप ऑफिसर, आखिर सेना के पतन की क्या है वजह?
यह भी पढ़ें- LG सिन्हा से मिले चिनार कोर के कोर कमांडर, जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर की चर्चा
