नीलू रंजन, नई दिल्ली। अपनी बेटी की हत्या के आरोपों में फंसी इंद्राणी मुखर्जी पर मनी लांड्रिंग का शिकंजा कस सकता है। बेटी शीना बोरा की हत्या के पीछे करोड़ों की संपत्ति हासिल करने के उद्देश्य की आशंका ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को चौकन्ना कर दिया है।

महाराष्ट्र सरकार ने केस की जांच भले ही सीबीआइ को सौंप दी हो, लेकिन ईडी भी इस पर नजर रखे हुए है। यदि इस हत्या से इंद्राणी मुखर्जी को संपत्ति मिलने की पुष्टि हुई, तो मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत उन्हें जब्त किया जा सकता है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हत्या मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत एक शेड्यूल अपराध है और यदि हत्या के पीछे असली मकसद आर्थिक लाभ हो, तो इसे अवैध मानते हुए जब्त किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि शीना बोरा की हत्या के पीछे उसके हिस्से की करोड़ों रुपये की संपत्ति को हथियाने को भी एक कारण माना जा रहा है। यदि जांच में यह बात साबित होती है, तो ईडी इसे जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर देगी। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस हत्याकांड की जांच पर वे नजर रखे हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीआइ की जांच में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सीबीआइ की जांच में तेजी आने के बाद वे जल्द ही उससे संपर्क करेंगे और जरूरत पड़ने पर मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत अलग से केस भी करेंगे।

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Posted By: Sanjeev Tiwari