इंदौर,  जेएनएन। मध्य प्रदेश के एक आंखों के अस्पताल से लापरवही का बड़ा मामला सामने आया है। धार रोड स्थित इंदौर आई अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के बाद 11 लोगों की आंख की रोशनी चली गई। अंधत्व निवारण योजना के तहत धार से 12 व इंदौर से 2 मरीजों को 7 अगस्त को अस्पताल लाया गया था। 8 अगस्त को ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद आंख में ड्रॉप डालने के बाद 11 मरीजों को दिखाई देना बंद हो गया।

लापरवाह अस्पताल प्रबंधन ने एक दिन इंतजार करने के बाद भोपाल में विभाग के आला अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन स्थानीय स्तर पर संभागायुक्त और मंत्री को कोई जानकारी नहीं दी। भोपाल से जिला स्वास्थ्य विभाग के पास मरीजों की जांच के निर्देश आए। इसके बाद आनन-फानन में मरीजों की जांच अन्य डॉक्टरों से कराई गई।

अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर भी सील कर दिया गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ. प्रवीण ज़ि़डया ने आठ दिन बाद भी इस घटना की सूचना संभागायुक्त और स्वास्थ्य मंत्री को नहीं दी। शनिवार को मामला उजागर होने के बाद स्थानीय अधिकारी हरकत में आए। प्रारंभिक जांच में स्यूडोमोनास एरूजिनोसा नामक बैक्टीरिया मिला है।

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