विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अगले महीने इंडिगो 2 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स का संचालन कर पाएगा या नहीं? DGCA को देना होगा जवाब

Published: Mon, 19 Jan 2026 10:59 AM (IST)

इंडिगो को 10 फरवरी के बाद नए FDTL नियमों के तहत 2,000 से अधिक उड़ानें संचालित करने की क्षमता पर ...और पढ़ें

दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में आई भारी गड़बड़ी को लेकर डीजीसीए ने जांच की थी।

दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में आई भारी गड़बड़ी को लेकर डीजीसीए ने जांच की थी।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंडिगो को 10 फरवरी को ए320 फ्लीट के पायलटों को मिली फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों से छूट खत्म हो रही है।

एयरलाइन को डीजीसीए को साफ-साफ बताना होगा कि क्या वो नए सख्त नियमों के साथ भी रोजाना 2,000 से ज्यादा उड़ानें चला पाएगी। अगर नहीं चला पाई, तो डीजीसीए और एविएशन मिनिस्ट्री सीधे एक्शन में आकर उड़ानें काटने का फैसला ले सकती हैं।

पिछले दिसंबर में जिस तरह इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें कैंसिल हुईं और लाखों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए, उसका दोहराव रोकने के लिए अब सरकार और रेगुलेटर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।

नए नियमों से पायलटों की जरूरत बढ़ी

नए एफडीटीएल नियमों का मकसद पायलटों को ज्यादा आराम देकर उड़ानों को और सुरक्षित बनाना है। इसमें साप्ताहिक रेस्ट 36 से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया है, रात की उड़ानों में लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है और कुल ड्यूटी समय में भी कटौती की गई है। इन बदलावों की वजह से इंडिगो को अपने ए320 बेड़े के लिए काफी ज्यादा पायलटों की जरूरत पड़ रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इंडिगो इस समय लगातार ड्राई रन कर रही है। अपनी शेड्यूलिंग सॉफ्टवेयर में उपलब्ध पायलटों की संख्या और उड़ानों की संख्या को मैच करके देखा जा रहा है कि 10 फरवरी के बाद क्या स्थिति बनेगी। 1 फरवरी से ही एयरलाइन ने नए नियमों के हिसाब से क्रू रोस्टर बनाना शुरू कर दिया है, यानी पुरानी छूट को अब बिल्कुल नजरअंदाज किया जा रहा है।

22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा

दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में आई भारी गड़बड़ी को लेकर डीजीसीए ने जांच की थी। रिपोर्ट में सिर्फ 3, 4 और 5 दिसंबर की परेशानी को आधार बनाया गया और इसी के आधार पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। लेकिन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) का कहना है कि ये पूरी तस्वीर नहीं दिखाता है।

एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा, "असल में परेशानी मिड-दिसंबर तक चली। हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं और तीन लाख से ज्यादा यात्री परेशान हुए। सिर्फ तीन दिनों की बात करके डीजीसीए ने असल स्थिति को कम करके आंका है।"

यह भी पढ़ें: 'जब काम ठीक से चलने लगे तो पुरानी पीढ़ी को रिटायर हो जाना चाहिए,' नितिन गडकरी ने बताया किसे सौंपे जिम्मेदारी