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नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छे-370 हटाने के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट खत्म होने का नाम नहीं ले रही। इसी बौखलाहट में पाकिस्तान ने पहले भारत से राजनयिक और व्यावसायिक संबंध तोड़े। फिर मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया। हर जगह उसे मुंह की खानी पड़ी। उधर पाकिस्तान के फैसले से उनकी आवाम भी बहुत खुश नहीं है। भारत से व्यावसायिक संबंध खत्म करने के बाद से पाकिस्तान में महंगाई कई गुना और बढ़ चुकी है। इस वजह से पाकिस्तान में इस बार बकरीद का त्यौहार भी काफी फीका रहा।

ऐसे में शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने यूएन में भारत के स्थाई दूत सैय्यद अकबरूद्दीन से पूछ लिया कि आखिर दोनों देशों के बीच वार्ता फिर से कब शुरू होगी? सैय्यद अकबरूद्दीन से पूछा गया था कि आप (भारत) पाकिस्तान से वार्ता कब शुरू करेंगे?

तीनों पाकिस्तानी पत्रकारों से मिलाया हाथ
इस सवाल के जवाब में भारतीय दूत सैय्यद अकबरूद्दीन माइक छोड़कर आगे बढ़े। वह सवाल पूछने वाले वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार के पास पहुंचे और उनसे हाथ मिलाया। उन्होंने कहा, 'चलिए मैं आपके पास आकर और आपसे हाथ मिलाकर इसकी शुरुआत करता हूं।' इसके बाद भारतीय दूत ने वहां मौजूद दो अन्य पाकिस्तानी पत्रकारों से भी उनके पास जाकर हाथ मिलाया।

भारतीय दूत ने दिया ये जवाब
शीर्ष भारतीय राजनयिक के इस अनौपचारिक और हास्यपूर्ण व्यवहार ने पाकिस्तानी पत्रकारों के सवालों का क्रम रोक दिया। उनके इस व्यवहार से मीडियाकर्मियों से खचाखच भरा हॉल हंसी-ठहाकों से गूंज पड़ा। इसके बाद अकबरुद्दीन वापस माइक पर लौटे और कहा, 'मैं आपको बताना चाहता हूं कि हमने पहले से ही अपनी दोस्ती का हाथ आगे बढ़ा रखा है। हम अब भी शिमला समझौते को लेकर गंभीर हैं। हमें इस पर पाकिस्तान की तरह से कोई उचित प्रतिक्रिया मिलने का इंतजार है।'

भारत ने UNSC में रखा अपना पक्ष
सैय्यद अकबरूद्दीन शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कश्मीर मुद्दे पर बंद दरवाजे के पीछे हुई बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। मालूम हो कि शुक्रवार को चीन की मदद से पाकिस्तान ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया था। UNSC ने इस मुद्दे पर बंद दरवाजे के पीछे में बैठक की। भारत ने यूएनएससी में मजबूती से अपना पक्ष रखा। भारत ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा पूरी तरह से भारत का अपना अंदरूनी मामला है।

पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा था ये सवाल
यूएनएससी में हुई बैठक के बाद पहले चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात की। इसके बाद भारतीय दूत सैय्यद अकबरूद्दीन ने मीडिया से बात की। मीडिया से बात करने पहुंचे सैय्यद अकबरूद्दीन ने सबसे पहले वहां मौजूद तीन पाकिस्तानी पत्रकारों को सवाल पूछने का मौका दिया। इस पर एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे पूछा था कि क्यों दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच में कोई संपर्क स्थापित नहीं किया जा रहा है? क्यों भारत पाकिस्तान के बातचीत करने के अनुरोध को अनसुना कर रहा है?

आतंकवाद बंद, बातचीत शुरू
बातचीत न करने संबंधी पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के जवाब में भारतीय दूत ने सिर्फ इतना कहा, 'बातचीत शुरू करने के लिए आतंकवाद को बंद करना होगा।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पूरे मसले को गलत तरीके से बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, जो कि वास्तविकता से बिल्कुल परे है। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि एक देश हमारे खिलाफ जिहाद का प्रयोग कर रहा है। भारत में हिंसा को बढ़ावा दे रहा है और इसमें उनके नेता भी शामिल हैं।

J&K की स्थिति से कराया अवगत
यूएन में मीडिया से बात करते हुए भारतीय दूत सैय्यद अकबरूद्दीन ने ये भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार कश्मीर में हालात सामान्य करने के लिए जल्द पाबंदियों को धीरे-धीरे हटाना शुरू कर दिया है। सरकार घाटी के हालात सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि घाटी में फिलहाल हालात बिल्कुल सामान्य है। कहीं से किसी प्रकार की कोई हिंसा या विरोध प्रदर्शन की कोई खबर नहीं है।

Posted By: Amit Singh

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