विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन ने माना भारत की लेजर मारक क्षमता का लोहा, दुनिया में केवल 7 देशों के पास ऐसी ताकत

Published: Mon, 25 Aug 2025 10:00 PM (IST)Updated: Tue, 26 Aug 2025 10:37 AM (IST)

भारत की लेजर मारक क्षमता का लोहा चीन ने माना है। भारत ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वीपन सिस्टम के तहत ...और पढ़ें

चीन ने माना भारत की लेजर माकर क्षमता का लोहा- (पीटीआई)
चीन ने माना भारत की लेजर माकर क्षमता का लोहा- (पीटीआई)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की लेजर मारक क्षमता का चीन ने लोहा माना है। भारत ने कम और मध्यम दूरी तक मार कर सकने की एकीकृत क्षमता का शनिवार को परीक्षण किया था। इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वीपन सिस्टम (आइएडीडब्ल्यूएस) के तहत हाई पावर लेजर बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वीपन (डीईडब्ल्यू) की मारक क्षमता को चीन के सैन्य विशेषज्ञ ने भारत की उल्लेखनीय प्रगति बताया है।

आइएडीडब्ल्यूएस बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें स्वदेशी तकनीक से विकसित सतह से हवा में मार करनेवाली मिसाइलें (क्यूआरएसएएम), कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) मिसाइलें और एक उच्च क्षमता की लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) प्रणाली शामिल हैं।

7 देशों के पास डीईडब्ल्यू प्रणाली

बताया जाता है कि अमेरिका, रूस, चीन, यूके, जर्मनी और इजरायल जैसे कुछ ही देशों के पास डीईडब्ल्यू जैसी क्षमता है। बीजिंग आधारित एयरोस्पेस नालेज मैग्जीन के मुख्य संपादक और सैन्य विशेषज्ञ वां या'नान ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि भारत की आइएडीडब्ल्यूएस वायु रक्षा प्रणाली को कम और मध्यम दूरी के लक्ष्यों को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके जरिये दुश्मन देश के ड्रोन, क्रूज मिसाइलें, हेलीकाप्टर और नीची उड़ान वाले लड़ाकू विमानों को सीमित दायरे में निशाना बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम की सफलता का रहस्य एक ऐसी सूचना प्रणाली है जो बेहद प्रभावी है और लक्ष्य से संबंधित डेटा को संबंधित हथियार घटकों तक पहुंचा सकती है।

वांग ने कहा, ''दुनिया में केवल कुछ ही देश हैं जिन्होंने युद्ध के लिए तैयार लेजर प्रणालियां तैनात की हैं।'' उन्होंने चीन की एलडब्ल्यू-30 वाहन-आधारित लेजर रक्षा हथियार प्रणाली की ओर इशारा किया, जिसे ड्रोन किलर कहा जाता है। ये प्रकाश की गति से हमला कर सकता है, साथ ही शांति से लक्ष्य तक पहुंच सकता है, इसे लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है और ये लचीला होने के साथ-साथ सटीक और किफायती भी है।

यह भी पढ़ें- अमेरिका के टैरिफ के बाद नहीं, पहले दिन से आत्मनिर्भर भारत पर रहा है पीएम मोदी का फोकस; ऐसे हुई थी शुरुआत