विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'शांतिपूर्ण प्रदर्शन से दिक्कत नहीं, लेकिन आतंकी घटनाएं बर्दाश्त नहीं'; कनाडा में खालिस्तान के मुद्दे पर भारतीय उच्चायुक्त

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:56 AM (IST)

भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कहा कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन हिंसा और अपराध अस्वीकार्य हैं।

शांतिपूर्ण खालिस्तान प्रदर्शन से भारत को कोई दिक्कत नहीं।

शांतिपूर्ण खालिस्तान प्रदर्शन से भारत को कोई दिक्कत नहीं।

HighLights

  1. शांतिपूर्ण खालिस्तान प्रदर्शन से भारत को कोई दिक्कत नहीं।

  2. हिंसा, अपराध, पीएम के पोस्टर अस्वीकार्य: उच्चायुक्त पटनायक।

  3. भारत-कनाडा संबंध सुधरे, व्यापार समझौते पर बातचीत जारी।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। कनाडा में खालिस्तान के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को लेकर भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कहा कि भारत को खालिस्तान के समर्थन और विरोध प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए।

शांतिपूर्ण आंदोलन से दिक्कत नहीं

एक इंटरव्यू में पटनायक ने कहा कि ये कनाडा समझे कि अलगाववादी आंदोलन से जुड़ी गतिविधियां उसकी जमीन पर हो रही है, न कि भारत में।

पटनायक ने कहा, 'मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि भारतीय कनाडाई और सिख शांतिपूर्ण तरह से अपनी बात रख सकते हैं, चाहे वह खालिस्तान हो या अलग देश की मांग। हमें राजनीतिक तौर पर इससे कोई दिक्कत नहीं है।'

पटनायक ने आगे कहा,'पिछले 40 सालों से भारत में राजनीतिक पार्टियां इसकी वकालत करती रही हैं, तो यह कोई नई बात नहीं है।'

पीएम की हत्या के पोस्टरों और हथियारों की तस्करी पर लगे रोक

पटनायक ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के नाम पर हिंसा और अपराध को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, अलगाववादी आंदोलन में नकारात्मकता, गंदगी, आतंकवादी तत्व, हथियारों की तस्करी, संगठित अपराध और जबरन वसूली जैसी चीजें न लाई जानी चाहिए।'

साथ ही पटनायक ने कहा, 'खालिस्तान समर्थक मेरे देश के प्रधानमंत्री की हत्या की तस्वीरें और हिंसक पोस्टर लेकर सरेआम प्रदर्शन न करें।'

यह टिप्पणी अल्बर्टा में इस महीने के आखिर में आयोजित होने वाले तथाकथित 'खालिस्तान जनमत संग्रह' से ठीक पहले आई है।

भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार

साल 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच गंभीर राजनयिक तनाव पैदा हो गया था। हालांकि हाल के महीनों में भारत और कनाडा ने अपने राजनयिक संबंधों को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

दोनों देश वर्तमान में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने हाल ही में उच्च स्तरीय सुरक्षा वार्ता का एक और दौर आयोजित किया, जिसमें संगठित अपराध, आतंकवाद, कट्टरपंथ और सीमा पार अपराधों से निपटने में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।

यह भी पढ़ें- भारत आएगा कनाडा का 300 कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल, 30 साल में सबसे बड़ा व्यापार मिशन

यह भी पढ़ें- कनाडा में प्रस्तावित खालिस्तानी जनमत संग्रह पर भारत सख्त, विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति