'आपने ही क्लियरेंस दिया था...', होर्मुज में गोलीबारी के बीच भारतीय जहाज ने ईरान को भेजा ऑडियो संदेश
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स द्वारा भारतीय झंडे वाले टैंकरों पर गोलीबारी की गई। 'सनमार हेराल्ड' से एक संकट संदेश ...और पढ़ें
HighLights
होर्मुज में ईरानी गनबोट्स ने भारतीय टैंकरों पर गोलीबारी की।
'सनमार हेराल्ड' चालक दल ने गोलीबारी रोकने का अनुरोध किया।
भारत ने ईरानी राजदूत को तलब कर सुरक्षित मार्ग मांगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कल ईरानी गनबोट्स द्वारा गोलीबारी किए जाने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय झंडे वाले दे टैंकर वापस लौट गए। यह जलमार्ग, जिससे दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच भ्रम का केंद्र बना हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने खबर नहीं है और गोलीबारी में जहाजों को कई नुकसान नहीं पहुंचा है।
टैंकरों में से एक से संकट संदेश अब सामने आया है, जिसमें गोलीबारी के दौरान मची अफरा-तफरी कैद है। कच्चे तेल के टैंकर 'सरमार हेराल्ड' पर सवार एक क्रू को ईरानी नौसेना से संपर्क की कोशिश करते हुए सुना जा सकता है। यह लगभग 30 सेकेंड का ऑडियो 'टैंकर ट्रैकर' नामक एक समुद्री खुफिया फर्म से साझा किया है, जो जहाजों की आवाजाही पर नजर रखती है।
ऑडियो में सुना जा सकता है, "सेपाह नेवी। सेपाह नेवी। यह मोटर टैंकर सनमार हैराल्ड है। आपने मुझे आगे बढ़ने की मंजूरी दी थी। आपकी लिस्ट में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है। आप अभी गोलीबारी कर रहे हैं, कृपया मुझे वापस लौटने दें।"
NEW: Audio from the Indian oil tanker fired on by Iranian Navy in the Strait of Hormuz
— Insider Paper (@TheInsiderPaper) April 18, 2026
“You gave me clearance to go. My name is second on your list. You are firing now. Let me turn back!” pic.twitter.com/C3nouIPzOJ
जहाज जलडमरूमध्य के ग्रीन एरिया में था- NBC
रिकॉर्ड फुटेज का हवाला देते हुए, अमेरिकी प्रसारक NBC ने भी बताया कि वह जहाज जलडमरूमध्य के ग्रीन एरिया में था। पूरब की ओर जाते समय टैंकर ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद कर दिया था, लेकिन पूर्वी छोर पर पहुंचकर उसे फिर से चालू कर दिया गया। गोलीबारी की चपेट में आने वाले दूसरे जहाज की पहचान 'जग अर्णव' के रूप में हुई है।
विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत के किया तलब
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब किया और गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेश सचिव ने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व के रेखांकित किया और याद दिलाया कि ईारन ने पहले ही भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने में मदद की थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत के विचार से ईरानी अधिकारियों के अवगत कराएं और जलडमरूमध्य से होकर भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें। राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
