विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राजधानी-शताब्दी का पास कैसे मिलेगा? अपर क्लास का लुत्फ उठाने के लिए कितना किराया, जानिए नियम

By Harsh KatareEdited By: Harsh Katare
Published: Fri, 30 Oct 2026 08:27 PM (IST)

भारतीय रेलवे ने पास धारकों को राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी में यात्रा करने की अनुमति दी है। ।

रेलवे पास धारक प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी यात्रा कर सकेंगे

रेलवे पास धारक प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी यात्रा कर सकेंगे

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों को एक बड़ी सौगात दी है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रिविलेज पास (PP), पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास (PRCP) और विडो पास (WP) धारक अब राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी अपनी निर्धारित पात्रता से ऊंची श्रेणी में यात्रा कर सकते हैं।

इसके लिए यात्रियों को पूरा टिकट खरीदने के बजाय केवल दोनों श्रेणियों के किराए के बीच का अंतर चुकाना होगा।

लंबे समय से बनी थी असमंजस की स्थिति

रेलवे सर्वेंट्स (पास) रूल्स, 1996 के तहत पास धारकों को प्रीमियम ट्रेनों में अतिरिक्त भुगतान देकर उच्च श्रेणी में सफर करने की अनुमति को लेकर लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। रेलवे बोर्ड ने कमर्शियल डायरेक्टोरेट से विचार-विमर्श के बाद RSPR-1986 की अनुसूची-II के नियम 3(X) के तहत इस स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

किन पास धारकों को मिलेगा लाभ?

रेलवे बोर्ड का यह फैसला मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के पास धारकों पर लागू होगा।

विशेषाधिकार पास (PP): कार्यरत रेलवे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को मिलने वाला पास।

सेवानिवृत्ति के बाद मानार्थ पास (PRCP): रेलवे से सेनानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दी जाने वाली सुविधा।

विधवा पास (WP): दिवंगत रेलवे कर्मचारियों के परिजनों/विधवाओं को जारी किए जाने वाले पास।

किराया कितना लगेगा

पास धारकों को कोई तयशुदा नया टिकट नहीं खरीदना है; उन्हें केवल अपनी मूल पात्रता और अपग्रेड की गई उच्च श्रेणी के बीच जो भी किराया अंतर होगा, उसका भुगतान करना होगा।

CRIS को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश

रेलवे बोर्ड ने यह साफ किया है कि यह नया निर्देश पास और प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) से जुड़े सभी पुराने आदेशों का स्थान लेगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के ई-पास मॉड्यूल में तत्काल प्रभाव से आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।

इस कदम से उन हजारों रेल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा फायदा होगा, जो प्रीमियम ट्रेनों में अपनी हकदार श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में यात्रा करना चाहते थे, लेकिन नियमावली में स्पष्टता न होने के कारण अब तक ऐसा करने में असमर्थ थे।

कैसे मिलते हैं पास?

भारतीय रेलवे में विशेषाधिकार पास, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले मानार्थ पास, और विधवा पास रेलवे सेवक (पास) नियम, 1986 के तहत जारी किए जाते हैं।

विशेषाधिकार पास

विशेषाधिकार पास (PP) भारतीय रेलवे द्वारा अपने सेवारत कर्मचारियों और उनके परिवार को दी जाने वाली एक सुविधा है, जिससे वे ट्रेन में मुफ्त या रियायती यात्रा कर सकते हैं। इसके तहत ग्रुप 'ए' और 'बी' अधिकारियों को साल में 3 सेट, जबकि ग्रुप 'सी' और 'डी' कर्मचारियों को 1 से 2 सेट पास मिलते हैं।

इसे पाने के लिए कर्मचारी को रेलवे के एचआरएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन या मैनुअल आवेदन करना होता है, जिसके बाद पास क्लर्क और संबंधित अधिकारी जांच करके इसे जारी कर देते हैं।

सेवानिवृत्ति के बाद मानार्थ पास

सेवानिवृत्ति के बाद मानार्थ पास (PRCP) न्यूनतम 20 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर रिटायर होने वाले रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली एक सुविधा है, जिसके तहत राजपत्रित अधिकारियों को साल में 3 सेट और गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को साल में 2 सेट पास मिलते हैं।

इस पास को प्राप्त करने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी HRMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन या अपने अंतिम कार्यरत रेलवे डिवीजन/कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं, जहां इसके लिए पीपीओ (PPO) नंबर, जन्मतिथि और सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन कराना होता है।

विधवा पास

विधवा पास (WP) किसी सेवारत या सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी (आमतौर पर पत्नी) को दी जाने वाली एक सुविधा है, जिसके तहत मृतक कर्मचारी के कोटे का आधा यानी 50 प्रतिशत हिस्सा पास के रूप में मिलता है। नियमानुसार इसमें कुछ पात्र आश्रितों (जैसे अविवाहित या आश्रित पुत्री और माता) को भी शामिल किया जा सकता है।

इसे प्राप्त करने के लिए परिवार के सदस्य मृत्यु प्रमाण पत्र, पीपीओ और पारिवारिक विवरण के साथ HRMS पोर्टल या संबंधित रेलवे कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।