नई दिल्ली, पीटीआइ। रेल मंत्रालय ने संसद में जानकारी दी है कि वर्तमान में रेल टिकटों पर रियायतों को बहाल करना संभव नहीं है। कोरोना महामारी आने के बाद से यह बंद हैं। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इस सुविधा को बहाल करने के लिए काफी आवेदन मिले हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और  प्रोटोकाल के मद्देनजर 20 मार्च 2020 से दिव्यांगजन की 4 श्रेणियों, मरीजों और छात्रों की 11 श्रेणियों को छोड़कर सभी श्रेणियों के यात्रियों के लिए रेल टिकटों पर दी जाने वाली रियायत वापस ले ली गई थी।

वैष्णव ने कहा कि सभी रियायतों की बहाली के लिए विभिन्न वर्गों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। मामले पर गौर किया गया है, लेकिन वर्तमान में रियायत देना व्यवहार्य नहीं पाया गया है। बता दें कि कोरोना से पहले रेलवे यात्रियों 54 श्रेणियों की टिकट पर रियायत देता था।

एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में 70 फीसद से अधिक की कमी आई

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद को यह भी जानकारी दी कि कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020-21 में वातानुकूलित डिब्बों (AC Coaches) में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 70 फीसद से अधिक की कमी आई। राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-20 के दौरान एसी डिब्बों से यात्रा करने वाले यात्रियों में लगभग 4 फीसद की वृद्धि हुई और पिछले वर्ष की तुलना में 2020-21 में 70 फीसद की गिरावट देखी गई।

रेलवे ने मार्च 2020 में अपनी सभी नियमित सेवाओं को निलंबित कर दिया था

वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या क्रमशः 18.1 करोड़ और 4.9 करोड़ रही। साल 2019-20 में जहां इसके पिछले साल के मुकाबले +3.92 फीसद बढ़ोतरी देखी गई। वहीं साल  2020-21 में इसमें -73.23 फीसद की कमी देखी गई। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण इसमें गिरावट देखी गई। इसके कारण सीमित ट्रेन सेवाएं चालू थीं और लोग यात्रा से भी बच रहे थे। वे तब तक यात्रा नहीं कर रहे थे जबतक कि बहुत जरूरी न हो। महामारी के प्रकोप के बीच रेलवे ने मार्च 2020 में अपनी सभी नियमित सेवाओं को निलंबित कर दिया था।

Edited By: Tanisk