नई दिल्ली,जेएनएन। दुश्मनों को छक्के छुड़ाने के लिए भारतीय नैसेना में स्कॉर्पीन श्रेणी की नई पनडुब्बी शामिल की गई है। मुंबई मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) पर स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी आइएनएस 'करंज' को लॉन्च किया गया। प्रोजेक्ट 75 प्रोग्राम के तहत एमडीएल द्वारा बनाई गई तीसरी पनडुब्बी है। करंज की लॉन्चिंग के दौरान नौसेना के प्रमुख सुनील लांबा मौजूद थे। कलवरी और खांदेरी के बाद करंज की ताकत देखकर दुश्मनों के पसीने छूट जाएंगे।

'करंज' की ताकत देखेगी दुनिया

अपने आधुनिक फीचर्स और सटीक निशाने की क्षमता वाली स्कॉर्पीन पनडुब्बी 'करंज' दुश्मनों को चकमा देकर सटीक निशाना लगा सकती है। करंज की यह खूबी चीन और पाकिस्तान जैसे देशों की मुश्किलें बढ़ा देगा। इसके साथ ही 'करंज' टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमले भी कर सकती है। युद्ध की स्थिति में करंज पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है। यानी इसमें सतह पर पानी के अंदर से दुश्‍मन पर हमला करने की खासियत भी है। इस पनडुब्‍बी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे किसी भी तरह की जंग में ऑपरेट किया जा सकता है। यह पनडुब्बी हर तरह के वॉरफेयर, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस को इकट्ठा करने जैसे कामों को भी बखूबी अंजाम दे सकती है।

'करंज' से कांपेगा भारत का दुश्मन

- कंरज पनडुब्बी 67.5 मीटर लंबा, 12.3 मीटर ऊंचा, 1565 टन वजनी है।

- करंज एक स्वदेशी पनडुब्बी है जो मेक इन इंडिया के तहत तैयार की गई है।

- आधुनिक फीचर्स की वजह से यह दुश्मन को ढूंठकर उस पर सटीक निशाना लगा सकती है।

- करंज टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से भी हमले कर सकती है।

- करंज रडार की पकड़ में नहीं आ सकता है।

- जमीन पर हमला करने में सक्षम है करंज।

- करंज पनडुब्बी में ऑक्सीजन बनाने की भी क्षमता।

- लंबे समय तक पानी में रह सकती है करंज पनडुब्बी।

स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों की ताकत देखेगी दुनिया

- स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली दो पनडुब्बियां 'कलवरी', और 'खांदेरी' है।

- 13 दिसंबर, 2017 को प्रधानमंत्री मोदी ने आइएनएस कलवरी को देश के नाम समर्पित किया था।

- वहीं, खांदेरी पनडुब्बी को 12 जनवरी, 2017 को लॉन्च किया गया था।

- कलवरी और खंडेरी पनडुब्बियां आधुनिक फीचर्स से लैस है।

- यह दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती हैं।

- इसके साथ ही टॉरपीडो और एंटी शिप मिसाइलों से हमले भी कर सकती हैं।

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Posted By: Arti Yadav