नई दिल्ली (एजेंसी)। सेना इस समय पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है। संभव है कि जल्द ही एक लाख जवानों--अफसरों के पद खत्म कर दिए जाएं। इस बाबत सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और उच्च सैन्य कमांडरों के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसमें ब्रिगेडियर का पद खत्म करने पर भी विचार होगा।

उल्लेखनीय है कि चीन की सेना भी अपने आकार को कम करके सुधार की प्रक्रिया से गुजर रही है। सेना को सुगठित बनाने के लिए देश का सैन्य नेतृत्व लंबे समय से लंबित कैडर मामले की समीक्षा करेगा। इसी दौरान सेना में सुधार संबंधी बातों पर भी चर्चा होगी। इसमें दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना को छोटा करने और प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी। इस समय सेना में करीब 13 लाख कर्मी हैं। संकेत हैं कि इनमें से एक लाख वर्दीधारी कर्मियों के पद अगले पांच साल में खत्म किए जा सकते हैं।

रक्षा मंत्रालय पहले ही घोषणा कर चुका है कि सुधार प्रक्रिया के तहत 57,000 सैन्य अधिकारियों और अन्य पदों पर कार्यरत जवानों की तैनाती अन्य स्थानों पर करने की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को होने वाली बैठक में सेना की क्षमता बढ़ाने और उसे आक्रामक बनाने के लिए की गई सिफारिशों को लागू करने पर भी विचार होगा। बैठक में प्रतिभाशाली अफसरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने और कमांडिंग ऑफिसर के पद पर कम उम्र अधिकारियों की नियुक्ति पर फैसला लिया जा सकता है। बैठक में ब्रिगेड कमांडर, डिवीजनल कमांडर और कोर कमांडर के पदों पर लंबे समय के लिए नियुक्ति करने का भी फैसला लिया जा सकता है।  

Posted By: Arti Yadav