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'अलग से ड्रोन फोर्स नहीं बनाएगी वायुसेना', IAF प्रमुख ने बताया; कैसे AI के दम पर बदलेगी युद्ध की रणनीति

Published: Sat, 03 Oct 2026 02:46 PM (IST)

IAF चीफ एपी सिंह ने बताया कि AMCA में देरी होने पर दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ सकता ...और पढ़ें

IAF चीफ ने AI के महत्व और राफेल डील के बारे में दी जानकारी

IAF चीफ ने AI के महत्व और राफेल डील के बारे में दी जानकारी

HighLights

  1. AMCA में देरी होने पर IAF को दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना होगा।

  2. IAF को फाइटर स्क्वाड्रन की कमी पूरी करने के लिए 36-40 एयरक्राफ्ट चाहिए।

  3. AI और ड्रोन को मौजूदा फोर्स स्ट्रक्चर का हिस्सा बनाना होगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन एयर फोर्स डे 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा। एयर फोर्स डे से ठीक पहले, IAF चीफ  अमर प्रीत सिंह ने कहा कि अगर स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डेवलपमेंट में देरी होती है, तो फोर्स को दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ सकता है।

IAF को मौजूदा समय में फाइटर स्क्वाड्रन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। IAF के पास अभी 42 की मंजूर संख्या के मुकाबले 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं।

फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करेगा IAF

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, 'अगर AMCA (पांचवीं पीढ़ी) और दूसरे प्रोग्राम्स में देरी होती है, तो हमें दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ सकता है।'

एपी सिंह ने कहा कि फाइटर स्क्वाड्रन की कमी को पूरा करने के लिए फोर्स को हर साल 36 से 40 फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल करने की जरूरत है।

एयर चीफ की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब IAF अपने फाइटर बेड़े को मजबूत करने के लिए कई प्रोग्राम्स पर काम कर रही है, जबकि AMCA को भारत के भविष्य के पांचवीं पीढ़ी के कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

IAF को AI से बदलने की जरूरत

फाइटर्स की संख्या के अलावा, एयर चीफ मार्शल ने नई तकनीकों के जरिए IAF को बदलने की जरूरत पर भी जोर दिया। भविष्य के मिलिट्री ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए सिंह ने कहा, 'हमें AI-युक्त फोर्स की जरूरत है।'

IAF चीफ एपी सिंह ने कहा, 'भारतीय वायु सेना के लिए ड्रोन कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन को मौजूदा फोर्स स्ट्रक्चर का ही हिस्सा बने रहना चाहिए और उन्हें अलग से इस्तेमाल करने के बजाय दूसरे हथियारों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।'

अंतिम चरण में राफेल डील

प्रस्तावित मल्टीरोल फाइटर जेट की खरीद पर एपी सिंह ने कहा, 'यह डील मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में फाइनल हो सकती है, लेकिन यह कई अन्य कारकों पर निर्भर करेगा।'

इस प्रोग्राम में 114 राफेल फाइटर्स की प्रस्तावित खरीद शामिल है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने पहले ही इस खरीद के लिए 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (जरूरत की मंजूरी) दे दी है और सरकार का कहना है कि ज्यादातर एयरक्राफ्ट भारत में ही बनाए जाएंगे।

रूस के प्रस्ताव पर फैसला करना बाकी

वैकल्पिक पांचवीं पीढ़ी के फाइटर की संभावना पर सिंह ने कहा कि रूस ने भारत को अपने Su-57 जेट्स की पेशकश की है, लेकिन इस प्रस्ताव पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

रूस ने सार्वजनिक रूप से भारत को Su-57 की पेशकश की है, और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत में इस एयरक्राफ्ट के ज्वाइंट प्रोडक्शन का भी प्रस्ताव दिया है। हालांकि, सिंह की बातों से संकेत मिलता है कि IAF ने रूसी प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया है।

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