'मुजाहिदीनों ने अपने ही हथियारों का किया इस्तेमाल', भारत ने पीओके बर्बरता पर पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
भारत ने गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की बर्बरता की अंतरराष्ट्रीय जांच की अपील की है।

HighLights
भारत ने पीओजेके में पाकिस्तान की बर्बरता की जांच मांगी।
स्थानीय चुनावों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 40 से अधिक मौतें।
विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स के शीर्षक पर आपत्ति जताई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की बर्बरता की जांच करने और इन अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। पीओजेके में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान 27 जुलाई को सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई में 40 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान पीओजेके में शांतिप्रिय नागरिकों के खिलाफ बर्बर बल प्रयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, "इस कार्रवाई के कारण 40 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।"
जायसवाल ने कहा, "पीओजेके के निर्दोष लोगों के प्रति बेरूखी उस वक्त स्पष्ट हो गई, जब (पाकिस्तानी) रक्षा मंत्री ने विरोध कर रहे लोगों को दुश्मन करार दिया।"
उन्होंने कहा, "इसके अलावा राजनीतिक मामलों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार ने स्वीकार किया कि जिन मुजाहिदीन को पाकिस्तानी सेना ने प्रशिक्षण दिया, हथियार मुहैया कराए और भारत को नुकसान पहुंचान के लिए भेजा, वे अब उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल देश खिलाफ कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि ये तथाकथित चुनाव पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान की शर्मनाम अस्वीकृति है। उन्होंने कहा, "हिंसक शासन का सामना कर रहे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।"
एनवाईटी के शीर्षक पर जताई आपत्ति
एएनआई के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स (एनवाईटी) के उस शीर्षक पर आपत्ति जताई, जिसमें पीओजेके को "पाकिस्तानी कश्मीर" बताया गया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पक्षों और मीडिया संगठनों से सही कानूनी और राजनीतिक शब्दावली का उपयोग करने को कहा है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
