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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रुपये और दिरहम में कारोबार करेंगे भारत-यूएई, पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाह्यान के बीच हुआ समझौता

By Jagran NewsEdited By: Mohd Faisal
Published: Sun, 16 Jul 2023 04:52 AM (IST)

भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच स्थानीय मुद्रा में कारोबार के लिए शनिवार को महत्वपूर्ण समझौता हुआ। दोनों ...और पढ़ें

रुपये और दिरहम में कारोबार करेंगे भारत-यूएई, पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाह्यान के बीच हुआ समझौता (फोटो ट्विटर)
रुपये और दिरहम में कारोबार करेंगे भारत-यूएई, पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाह्यान के बीच हुआ समझौता (फोटो ट्विटर)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच स्थानीय मुद्रा में कारोबार के लिए शनिवार को महत्वपूर्ण समझौता हुआ। दोनों देश रुपये और यूएई की मुद्रा दिरहम में कारोबार करेंगे। दुनिया के किसी देश से भारत का यह इस तरह का पहला समझौता है।

एक दिन की यात्रा पर यूएई पहुंचे थे पीएम मोदी

पीएम नरेन्द्र मोदी शनिवार को एक दिन की यात्रा पर यूएई पहुंचे थे। इस दौरान मोदी और यूएई के राष्ट्रपति व अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के बीच दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर व्यापक बातचीत हुई। व्यापार और निवेश, फिनटेक, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, उच्चतर शिक्षा के साथ-साथ कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत व यूएई के बीच तीन अहम समझौते भी हुए।

इस बीच देर शाम मोदी फ्रांस व यूएई के सफल दौरे के बाद स्वदेश पहुंच गए। अबू धाबी में पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के समक्ष आरबीआइ के गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास और रिजर्व बैंक आफ यूएई के गवर्नर खालेद मोहम्मद बालमा ने हस्ताक्षर किए।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद बोले पीएम मोदी

यूएई के राष्ट्रपति से भेंट के बाद मोदी ने कहा कि पिछले साल व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के बाद से भारत-यूएई व्यापार में 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा, दोनों देशों की मुद्राओं में व्यापार के लिए हुआ समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग और आपसी विश्वास को दर्शाता है। इससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। हम यूएई संग व्यापार को 85 से बढ़ाकर 100 अरब डालर तक ले जाएंगे। यहां बता दें कि मोदी फ्रांस से सीधे यूएई पहुंचे थे।

मोदी और राष्ट्रपति नाह्यान की अगुआई में दोनों देशों के बीच समझौता

फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा के बाद शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शानदार स्वागत किया गया। दुनिया की सबसे ऊंची एवं प्रतिष्ठित इमारत बुर्ज खलीफा को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों से रोशन करने के साथ ही लाइट एंड साउंड शो में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर भी उकेरी गई। इसके बाद संदेश प्रसारित किया गया ‘आपका स्वागत है माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी’।

बुर्ज खलीफा पर उकेरी मोदी की तस्वीर

यूएई पहुंचने पर पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। उनके आने की खुशी में दुबई की मशहूर गगनचुंबी इमारत बुर्ज खलीफा को भारतीय राष्ट्र ध्वज के रंगों से रोशन किया गया। इस पर पीएम मोदी की तस्वीर उकेरी गई। इसके बाद एक संदेश दिखाया गया जिसमें लिखा था-आपका स्वागत है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। पीएम मोदी के सम्मान में राष्ट्रपति नाह्यान द्वारा दिए गए भोज में वनस्पति तेल से बने पूर्ण शाकाहारी व्यंजन परोसे गए। इसमें खजूर से बना हरा सलाद, ग्रिल्ड सब्जियां फूल गोभी, गाजर, काली दाली आदि शामिल रहे। भोजन के साथ परोसी गई मिठाई भी स्थानीय मौसमी फलों से बनी थी।

जलवायु परिवर्तन पर विकसित देश 100 अरब डालर देने की प्रतिबद्धता करें पूरी अबू धाबी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने संयुक्त बयान में कहा कि जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने और अनुकूलन के लिए विकसित देशों को 100 अरब अमेरिकी डालर प्रदान करने की प्रतिबद्धता को जल्द पूरा करना चाहिए।

ये तीन समझौते हुए

दोनों देश भारतीय मुद्रा रुपये और यूएई की मुद्रा दिरहम में कारोबार करेंगे। इससे व्यापार बढ़ेगा। लेनदेन लागत और भुगतान समय कम लगेगा। आयातकों व निर्यातकों को डालर का इंतजाम किए बगैर भुगतान करने की सहूलियत मिलेगी। इससे मुद्रा बाजार में रुपये-दिरहम में निवेश करने का विकल्प भी खुलेगा। पर्यटन भी सुविधाजनक होगा।

दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान मैसेजिंग सिस्टम यानी भारत के यूपीआइ और यूएई के भुगतान प्लेटफार्म आइपीपी को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे दोनों देशों की जनता को एक-दूसरे देश में कार्ड लेनदेन पर कोई अतिरिक्त चार्ज भी नहीं देना पड़ेगा। 3. आइआइटी दिल्ली अबू धाबी (यूएई) में अपना पहला कैंपस खोलेगा। यह मीना क्षेत्र (मध्य पूर्व/उत्तरी अफ्रीका ) में भारत का पहला आइआइटी कैंपस होगा।