क्या पीएम मोदी जाएंगे पाकिस्तान? इस्लामाबाद में होने वाली SCO के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में शामिल होगा भारत
भारत 28-30 सितंबर तक इस्लामाबाद में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में शामिल होगा।

पीएम मोदी और शहबाज शरीफ। (फाइल फोटो।)
HighLights
भारत 28-30 सितंबर को इस्लामाबाद में एससीओ बैठक में भाग लेगा।
पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों का कैलेंडर अनुमोदित होगा।
पीएम मोदी का पाकिस्तान दौरा आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई पर निर्भर।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 28 से 30 सितंबर तक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में भारत भी शामिल होगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने सरकारी सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उम्मीद है कि इस बैठक में पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों के कैलेंडर को मंजूरी दी जाएगी। ये कार्यक्रम काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट (CHS) समिट की तैयारी के तौर पर होंगे, जिसके लिए इस्लामाबाद जल्द ही यूरेशियन ब्लॉक के सभी सदस्य देशों के नेताओं को निमंत्रण भेजेगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं।
एससीओ के कार्यक्रमों में भारत ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
2017 में चीन के दबदबे वाले इस ग्रुप में पूरी तरह से शामिल होने के बाद भारत ने एससीओ के अलग-अलग सिस्टम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। पीएम मोदी ने राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर सरकारों के प्रमुखों की बैठकों में शामिल हुए हैं।
SAARC के उलट भारत ने एससीओ में अपनी भागीदारी को पाकिस्तान के साथ चल रहे आपसी मतभेदों से अलग रखा है। साथ ही भारत लगातार संगठन को यह याद दिलाता रहा है कि आतंकवाद, चरमपंथ और अलगाववाद से लड़ना उसके शुरुआती लक्ष्यों में से एक था।
भारत की ओर से कौन जाएगा पाकिस्तान?
सरकार ने एससीओ की कनेक्टिविटी पहलों का भी समर्थन किया है लेकिन इस शर्त के साथ कि इनमें सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद है कि भारत के नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी सोमवार से शुरू होने वाली नेशनल कोऑर्डिनेटर्स की बैठक में हिस्सा लेंगे।
एक दशक से कोई खास द्विपक्षीय बातचीत न होने के बावजूद भारत और पाकिस्तान के अधिकारी एससीओ से जुड़ी एक्सरसाइज के लिए एक-दूसरे के देश आते-जाते रहे हैं। खुद जयशंकर भी 2024 में एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक के लिए पाकिस्तान गए थे।
क्या पीएम मोदी भी जाएंगे इस्लामाबाद?
हालांकि, मुख्य सवाल अभी भी यही है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी अगले साल इस्लामाबाद में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के पाकिस्तान जाने में हिचकिचाहट के कारण सार्क शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया रुकी हुई है और जब तक हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता तब तक प्रधानमंत्री के इस्लामाबाद जाने की संभावना कम ही है।
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, ऐसा कोई भी बदलाव इस्लामाबाद तभी कर सकता है जब वह सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान से चल रहे यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस और कभी न पलटे जा सकने वाले कदम उठाए। सरकार ने हाल ही में इस बात का जोरदार खंडन किया कि वह इस्लामाबाद के साथ किसी भी तरह की ट्रैक 2 बातचीत में शामिल है।
