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40 सालों में बदली देश की रफ्तार, अब अमेरिका को पछाड़ने की तैयारी में भारत; बनने वाला है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 'मेट्रो किंग'

Published: Mon, 07 Sep 2026 05:54 PM (IST)

भारत जल्द ही अमेरिका को पछाड़कर चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन जाएगा।

भारत बनेगा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो किंग

भारत बनेगा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो किंग

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत का मेट्रो रेल नेटवर्क पिछले एक दशक में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। जल्द ही भारत इस मामले में अमेरिका को पछाड़कर चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन जाएगा।

इंदौर में मेट्रो रेल सेवा के विस्तार का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह उम्मीद जताई है।

अमेरिका से सिर्फ 216 किलोमीटर दूर भारत

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में अमेरिका का मेट्रो रेल नेटवर्क 1,386 किलोमीटर लंबा है।

वहीं, इंदौर में 2,850 करोड़ रुपये की लागत से हुए मेट्रो विस्तार के साथ भारत का कुल मेट्रो नेटवर्क अब 1,170 किलोमीटर तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि भारत अब अमेरिका से महज 216 किलोमीटर पीछे है और जिस गति से देश में काम चल रहा है, अगले दो सालों में भारत अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया में दूसरा स्थान हासिल कर लेगा।

इस सूची में फिलहाल चीन करीब 8,000 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के साथ पहले नंबर पर है।

एक दशक में 4 गुना से ज्यादा विस्तार

भारत में मेट्रो का सफर 1984 में कोलकाता से शुरू हुआ था। साल 2014 तक देश के 5 शहरों में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो लाइनें ही चालू थीं। हालांकि, 2017 की मेट्रो रेल पॉलिसी के बाद इसमें क्रांति आई।

2014 में 5 शहरों (248 किमी) से बढ़कर अब 26 शहरों में 1,170 किमी नेटवर्क हो चुका है। इसके साथ ही मेट्रो का सालाना बजट 2013-14 के 5,798 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 29,550 करोड़ हो गया।

वहीं 2014 के बाद 3.44 लाख करोड़ की लागत से 1,051 किलोमीटर के 38 नए मेट्रो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है।

PM गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान जैसी पहलों के जरिए मेट्रो प्रोजेक्ट्स को भी व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग के दायरे में लाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि मेट्रो सिर्फ यात्रियों को लाने-ले जाने का साधन नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के सुगम जीवन को बढ़ावा देती है और यह 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इंदौर मेट्रो का नया रूट और टाइमिंग

अधिकारियों के अनुसार, इंदौर में गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहा तक 17 किलोमीटर लंबे कमर्शियल रूट की शुरुआत हो चुकी है। इस रूट पर 16 स्टेशन बनाए गए हैं। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक मेट्रो दौड़ेगी। हर 15 मिनट में ट्रेन उपलब्ध रहेगी और रोजाना 80 से ज्यादा टक्कर लगाएगी।

मेट्रो क्षेत्र में भारत के आधुनिक प्रयोग

पिछले कुछ सालों में भारत ने मेट्रो में कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। जहां कोलकाता में देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो टनल शुरू हुई, वहीं कोच्चि में वाटर मेट्रो का सफल संचालन हो रहा है।

इसके अलावा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर 160 किमी/घंटे की रफ्तार वाली नमो भारत रीजनल ट्रेन भी नए भारत की आधुनिक पहचान बन चुकी है।

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