भारत ने नेपाल भेजी मदद की 5वीं खेप, बचाव दल और 5.5 टन दवाएं शामिल
तिब्बत में ग्लेशियर फटने से नेपाल में आई भीषण बाढ़ से निपटने के लिए भारत ने सहायता की पांचवीं खेप ...और पढ़ें

भारत ने नेपाल भेजी मदद की नई खेप
HighLights
भारत ने नेपाल को बाढ़ राहत की पांचवीं खेप भेजी।
बचाव दल और 5.5 टन आवश्यक दवाएं भी शामिल।
नेपाली नागरिकों ने भारत को सच्चा मित्र बताया।
आईएएनएस, नई दिल्ली। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई भयानक बाढ़ से निपटने के लिए भारत ने सहायता की पांचवीं खेप भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को 'एक्स' पर पोस्ट में बताया, पांचवां भारतीय विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है। यह विशेषज्ञ उपकरणों के साथ 11 लोगों के बचाव दल और 5.5 टन आवश्यक दवाइयां लेकर जा रहा है।
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद भारत ने मदद के लिए 68 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री और विशेषज्ञ बचाव दल भेजे हैं। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, अत्यधिक टिकाऊ तिरपाल, प्लास्टिक शीटिंग और हाइजीन किट शामिल हैं। साथ ही इसमें आवश्यक दवाइयां, खाने के पैकेट, सोलर लैंप, पानी साफ करने वाली गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी शामिल हैं।
नेपाल सरकार के कहने पर भारत और चीन ने हाइड्रोपावर टनल के अंदर खोज एवं बचाव अभियान में मदद के लिए तकनीकी टीमें भी भेजी हैं।
एएनआई के अनुसार, चिकित्सा एवं पहचान के मामले में भारतीय फोरेंसिक टीम ने नेपाली समकक्षों के साथ मिलकर अपने अभियान को आगे बढ़ाया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय टीम सैंपल लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने और पीड़ितों की पहचान को आसान बनाने में मदद के लिए डीएनए जांच और विश्लेषण का काम सक्रियता से कर रही है।
सोनू सूद ने किया दौरा, मोदी को सराहा
इस बीच बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने मंगलवार को बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित त्रिशूली बाजार का दौरा किया। उन्होंने कई स्थानीय लोगों से मुलाकात की, उनसे उनके अनुभव जाने और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।
सूद ने जरूरत के समय नेपाल को मदद देने के लिए भारत सरकार की प्रशंसा भी की।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारत सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी धन्यवाद, नेपाल को जिस तरह की मदद दी गई है, वह तारीफ के काबिल है और मुझे लगता है कि हमें यह मदद भेजते रहना चाहिए।
नेपाली बोले, भारत ही हमारा सच्चा मित्र
नेपाल के नुवाकोट में बाढ़ से बचे लोगों को नेपाल-भारत मैत्री भवन में शरण मिली है, जहां भारत की सहायता से चल रहे अस्पताल में बेघर हुए लोगों को रहने की जगह, चिकित्सकीय देखभाल और आवश्यक सहायता दी जा रही है।
एएनआई के अनुसार, मैत्री भवन अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर स्थित है जिसका 2015 के भूकंप के बाद भारतीय दूतावास की वित्तीय मदद से पुनर्निर्माण किया गया था।
वहां इलाज करा रहे एक बाढ़ पीड़ित ने भारत की मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कहा, भारत सरकार हमारे पड़ोसी देश की तरह है, एक सच्चे दोस्त की तरह है। भारत सरकार ने हमारी बहुत मदद की है। भारत हमारे लिए ताकतवर और भगवान जैसा है।
एक अन्य पीड़ित राजू थापा मागर ने कहा कि यह अस्पताल बहुत अहम हो गया है क्योंकि जिला अस्पताल तक जाने का रास्ता बंद हो गया था। हमें इसके लिए भारत सरकार को धन्यवाद देना चाहिए। यह बहुत अच्छा काम है।
एक अन्य मरीज भीमा भंडारी ने कहा कि हम यह भवन बनवाने के लिए भारत सरकार का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं और हम बुजुर्गों के लिए समर्पित एक गृह के पुनर्निर्माण में सहायता की अपील भी करते हैं।
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