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India Russia Relation: रंग लाई मोदी-पुतिन की दोस्ती, 2030 तक के लिए बनाया ये 9 सूत्रीय प्लान

Modi Russia visit रूस अब भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात साझेदार है। रूस के साथ व्यापार घाटा भी दूसरा सबसे बड़ा है जिससे दोनों देशों के बीच असंतुलित व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान में 65 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

By Jagran News Edited By: Babli Kumari Tue, 09 Jul 2024 10:00 PM (IST)
पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बैठक (फोटो- ANI)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की रूस यात्रा पर हैं। रूस ने मॉस्को में पीएम नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से नवाजा। पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति पुतिन के साथ शिखर वार्ता में भी शामिल हुए। दुनिया के दो बड़े नेताओं के बीच हुई बैठक में आतंकवाद से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध समेत दोनों देशों के बीच हुए कई समझौते पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मंगलवार को रूस में हुई बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित करना, रूस के नेतृत्व वाले आर्थिक समूह के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना और भारत को उर्वरक आपूर्ति का समाधान करना कुछ प्रमुख मुद्दे थे।

दोनों नेताओं ने 2030 तक 100 अरब डॉलर का नया लक्ष्य रखा

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने मोदी की रूस यात्रा पर एक ब्रीफिंग में कहा, "(मोदी और पुतिन के बीच) चर्चा का मुख्य जोर आर्थिक जुड़ाव पर था... दोनों नेताओं ने 2030 तक 100 अरब डॉलर का नया लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, उन्होंने विशेष रूप से 2030 तक आर्थिक सहयोग पर संयुक्त बयान पर भी सहमति व्यक्त की है।"

भारत में उत्पादन और किसानों को लेकर भी हुई चर्चा

विदेश सचिव ने आगे कहा कि दोनों नेताओं ने नए प्रस्तावित पूर्वी गलियारे के बारे में बात की, जिसे चेन्नई-व्लादिवोस्तोक पूर्वी गलियारा कहा जाता है। दोनों नेताओं ने आर्थिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया। भारत में उत्पादन और किसानों की उपज से जुड़ी उर्वरक आपूर्ति के संबंध में विशेष रूप से बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ व्यापार और वस्तु समझौते पर आगे बढ़ने की आवश्यकता के बारे में भी बात की।

PM मोदी-पुतिन वार्ता के अहम पॉइंट्स

  1. दोनों नेताओं ने 2030 तक 100 अरब का नया व्यापार लक्ष्य रखा है।
  2. दोनों नेताओं के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना इकाइयों तीन से छह पर सहयोग जारी रखने पर चर्चा हुई।
  3. आज की चर्चा का एक महत्वपूर्ण तत्व कनेक्टिविटी कॉरिडोर पर भी केंद्रित है। इस संबंध में दोनों नेताओं ने नए प्रस्तावित पूर्वी गलियारे के बारे में बात की, जिसे चेन्नई-व्लादिवोस्तोक पूर्वी गलियारा कहा जाता है।
  4. दोनों नेताओं ने आर्थिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया जो दोनों देशों में विभिन्न क्षेत्रों की वृद्धि और विकास से जुड़े हैं, विशेष रूप से रूस से भारत में उर्वरक आपूर्ति, जो सीधे भारत में उत्पादन और किसानों की उपज से जुड़ी हुई है।
  5. दोनों नेताओं ने भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ व्यापार और सामान समझौते पर आगे बढ़ने की आवश्यकता के बारे में भी बात की।
  6. मानवीय सहयोग का विकास, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, पर्यटन, खेल, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य क्षेत्रों में बातचीत का लगातार विस्तार।
  7. राष्ट्रीय मुद्राओं का उपयोग करके द्विपक्षीय निपटान प्रणाली का विकास, परमाणु ऊर्जा, तेल शोधन और पेट्रोकेमिकल और विस्तारित रूपों सहित प्रमुख ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग का विकास।
  8. पारस्परिक और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा की सुविधा, यानी वैश्विक ऊर्जा संक्रमण की संभावनाओं को ध्यान में रखना।
  9. दवाओं और उन्नत चिकित्सा उपकरणों के विकास और आपूर्ति में व्यवस्थित सहयोग को बढ़ावा देना। रूस में भारतीय चिकित्सा संस्थानों की शाखाएं खोलने और योग्य चिकित्सा कर्मियों की भर्ती करने की संभावना का अध्ययन करना तथा चिकित्सा और जैविक सुरक्षा के क्षेत्र में समन्वय को मजबूत करना।

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