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भारत ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को 'पक्षपातपूर्ण' बताकर किया खारिज

Published: Tue, 17 Mar 2026 12:22 AM (IST)Updated: Tue, 17 Mar 2026 12:27 AM (IST)

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) की रिपोर्ट को 'पक्षपातपूर्ण' और 'एजेंडा-आधारित' बताकर खारिज कर दिया है।

भारत ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को किया खारिज। (एएनआई)

भारत ने यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को किया खारिज। (एएनआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) की ताजा रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को ''पक्षपातपूर्ण'' करार देते हुए कहा है कि यह तथ्यों के बजाय एजेंडे पर आधारित है।

यूएससीआईआरएफ ने अपनी रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को गंभीर बताते हुए कई विवादास्पद सिफारिशें की हैं। इसने भारत को ''विशेष चिंता वाले देश'' के रूप में नामित करने का सुझाव दिया।

धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए RSS और RAW जैसी संस्थाओं तथा विशिष्ट व्यक्तियों पर ''लक्षित प्रतिबंध'' लगाने की बात भी कही। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि अमेरिका को भारत के साथ सुरक्षा सहायता और द्विपक्षीय व्यापार को धार्मिक स्वतंत्रता में सुधार से जोड़ना चाहिए।

यूएससीआईआरएफ की विश्वसनीयता खत्म हो रही- भारत

इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूएससीआईआरएफ पिछले कई वर्षों से भारत की एक विकृत छवि पेश कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आयोग संदिग्ध स्त्रोतों और वैचारिक एजेंडे पर निर्भर है, जिससे उसकी अपनी विश्वसनीयता खत्म हो रही है।

भारत ने सलाह दी कि यूएससीआईआरएफ को भारत की आलोचना करने के बजाय अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों, भारतीय प्रवासियों के खिलाफ बढ़ती असहिष्णुता और डराने-धमकाने की घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की रिपोर्टों का उद्देश्य केवल वैश्विक स्तर पर देश की छवि खराब करना है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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