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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक जेल में बंद कुलभूषण जाधव की रिहाई के लिए भारत सरकार गंभीर

By Lalit RaiEdited By:
Published: Thu, 27 Oct 2016 09:49 AM (IST)Updated: Thu, 27 Oct 2016 11:58 AM (IST)

जासूसी के आरोप में पाक की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को कानूनी मदद देने के लिए भारत सरकार लगातार कोशिश कर रही है।

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नई दिल्ली(जेएनएन)। जासूसी के आरोप में नेवी के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। जाधव को कानूनी मदद पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने एक नहीं, दो नहीं बल्कि 6 बार मौखिक (नोट वर्बल) तौर पर पाकिस्तान से अपील की थी। लेकिन पाकिस्तान ने भारत की अपील पर ध्घ्यान नहीं दिया। अधिकारियों का कहना है कि जाधव को कानूनी मदद पहुंचाने के लिए प्रयास चल रहे हैं।

मार्च 2016 में जाधव हुए थे गिरफ्तार

रा एजेंट और जासूसी आरोप में कुलभूषण जाधन को 5 मार्च 2016 को पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया था। 28 मार्च को पाकिस्तान के टीवी चैनलों में एक वीडियो में ये दिखाया गया कि कुलभूषण जाधव अपने आपको रा एजेंट बता रहे हैं और वो बलूचिस्तान में हिंसा फैलाने में शामिल हैं। पाकिस्तान की तरफ से दलील दी गई है कि जाधव अभी भी इंडियन नेवी में कमांडिंग ऑफिसर हैं। लेकिन इंडियन नेवी का कहना है कि वो 2002 में रिटायर हो गए थे। बलूचिस्तान में जिस समय उनकी गिरफ्तारी हुई उस वक्त वो भारत सरकार से किसी भी रूप में नहीं जुड़े थे।

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'कुलभूषण जाधव जासूस नहीं'

एक अधिकारी का कहना है कि कुलभूषण यादव भारतीय जासूस नहीं है। अपने तर्क में अधिकारी ने कहा कि अगर वो जासूस होता तो वो भारतीय पासपोर्ट नहीं रखता। जाधव का पासपोर्ट मुबारक हुसैन पटेल के नाम पर था।वियना कंवेंश्न में ये साफ कहा गया है कि अगर किसी देश का नागरिक दूसरे देश में पकड़ा जाता है तो पीड़ित शख्स को वो देश कानूनी मदद पहुंचाएगा।लेकिन जाधव के मामले में मुश्किल ये है कि उन्होंने खुद अपनी तरफ से किसी तरह की कानूनी मदद की अपील नहीं की है।

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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ना 'पाक' राग

जाधव के मुद्दे को पाकिस्तान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा चुका है। यूरोपीय यूनियन और पी-5 के सामने वो कह चुका है कि जाधव एक भारतीय जासूस है जो बलूचिस्तान में पाक विरोधी कार्यों में लिप्त था। पाकिस्तान ने हाल ही में सीनेट के स्टैंडिंग कमेटी के सामने कहा था कि कुलभूषण जाधव रॉ का एजेंट है और बलूचिस्तान को अस्थिर करने में जुटा हुआ था। इसके अलावा पीएम मोदी के 15 अगस्त के भाषण से भी साफ है कि भारत सुनियोजित तरीके से पाक को अस्थिर कर रहा है।

तालिबान-आइएसआइ में खरीदफरोख्त

पाकिस्तान ने पठानकोट एयरबेस पर हमले की जांच के संबंध में अपनी टीम भारत भेजने के ठीक पहले कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। लेकिन बहुत लोगों को आश्चर्य हुआ जब भारत की तरफ से ये कहा गया कि जाधव इंडियन नेवी से जुड़े हुए थे। लेकिन उनका जासूसी से लेना-देना नहीं हैं। भारत सरकार की जानकारी में वो एक बिजनेस मैन हैं जो ईरान में रह कर अपना कारोबार कर रहे थे। एक रोचक घटनाक्रम में पाकिस्तान में जर्मनी के पूर्व राजदूत गुंटर मुलक ने कहा कि जाधव को तालिबान ने बलूचिस्तान और अफगानिस्तान सीमा के पास अपहरण किया, और आइएसआइ को बेच दिया ।

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