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'आक्रामक और गैर पेशेवर...', अरब सागर में कैसे टकरा गए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत?

Published: Wed, 16 Sep 2026 03:50 PM (IST)

उत्तरी अरब सागर में एक पाकिस्तानी युद्धपोत भारतीय नौसेना के जहाज के करीब आक्रामक तरीके से गुजरा, जिसके बाद भारत ...और पढ़ें

अरब सागर में कैसे टकरा गए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत। (फाइल)

अरब सागर में कैसे टकरा गए भारत-पाकिस्तान के युद्धपोत। (फाइल)

HighLights

  1. पाकिस्तानी युद्धपोत भारतीय नौसेना के जहाज के करीब आक्रामक गुजरा।

  2. भारत ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर विरोध जताया।

  3. विदेश मंत्रालय ने इसे 1991 समझौते का सीधा उल्लंघन बताया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ओमान के करीब 220 किलोमीटर पूर्व में पाकिस्तानी नौसेना का एक युद्धपोत भारतीय नौसेना के जहाज के बहुत करीब से गुजरा। सूत्रों ने बताया कि खराब मौसम और ऊंची लहरों के बावजूद पाकिस्तानी नौसेना का जहाज आक्रामक और डराने वाला व्यवहार कर रहा था और घटना से पहले उसने अपनी गति कम नहीं की।

सूत्रों के अनुसार, भारतीय युद्धपोत के पासे से गुजरते समय पाकिस्तानी युद्धपोत ने सुरक्षित दूरी भी नहीं बनाए रखी। पाकिस्तानी जहाज 'हुनैन-क्लास'का कार्वेट था। भारतीय युद्धपोत किस प्रकार का था, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। इंटरनेशनल पानी में हुई इस घटना के बाद दोनों जहाज वहां से हट गए। इस घटना में किसी नुकसान की खबर नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को किया तलब

विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया और पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज के 'अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर व्यवहार' का कड़ा विरोध जताया।

यह घटना 15 सितंबर की शाम को हुई, जब उत्तरी अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक मुख्य युद्धपोत के पास पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज आ गया।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी जहाज तेज गति से चल रहा था और गैर-पेशेवर और असुरक्षित तरीके से हरकतें कर रहा था।

'पाकिस्तानी नौसेना के जहाज का व्यवहार अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन'

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही के बारे में पहले से सूचना देने के समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन था।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हालांकि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई इस घटना से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पाकिस्तानी नौसेना के जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही के बारे में पहले से सूचना देने के समझौते के अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन था।

पाकिस्तानी चार्ज डी'अफेयर्स को सलाह दी गई कि वे संबंधित अधिकारियों को यह बताएं कि सभी सैन्य इकाइयों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों का पालन करना चाहिए।

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