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संसद में अब भी टकराव जारी, गृहमंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़ा विपक्ष; सरकार ने बनाई नई रणनीति

Published: Sat, 01 Aug 2026 07:51 PM (IST)

संसद में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है। विपक्ष गृहमंत्री अमित शाह ...और पढ़ें

संसद में अब भी टकराव जारी(फाइल फोटो)

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संजय मिश्र, नई दिल्ली। संसद में छात्रों के खिलाफ पुलिस के सख्त बलप्रयोग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है। छात्र आंदोलन के विरोध मार्च के दौरान जेन-जी के खिलाफ लाठीचार्ज तथा पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साध रहा विपक्ष अपने हमले के सियासी तेवर नरम करने के लिए तैयार नहीं।

तो छात्रों की मांग पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कर चुका सरकार भी इस मुद्दे पर विपक्ष को कोई राजनीतिक मौका नहीं देने को लेकर सतर्क है। पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के तत्काल बाद ही विपक्ष ने गृहमंत्री के सदन में आकर बयान देने से लेकर उनके इस्तीफे की मांग को हवा देने का अपना दांव चल दिया।

विपक्षी दलों के इस दांव को भांप कर सरकार ने भी दोनो सदनों में हंगामे के बीच बिना चर्चा के ही विधेयकों को पारित कराने का सिलसिला शुरू कर दिया है। जबकि विपक्ष ने भी गृहमंत्री पर हमले की अपनी रणनीति में लचीलापन लाने के अभी कोई संकेत नहीं दिए हैं।

सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश

सरकार को इस मुद्दे पर दबाव में बनाए रखने की विशेष रूप से कांग्रेस की रणनीति का संकेत शनिवार को राहुल गांधी की तमिलनाडु यात्रा के दौरान नीट पेपर लीक से हताश होकर आत्महत्या करने वाले कुछ छात्रों के परिजनों से चर्चा के दौरान भी मिला।

जेन-जी के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता के लिए गृहमंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग कर चुके नेता विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा संसद में विपक्षी पार्टियों के तेवर नहीं बदलने का साफ संकेत दिया।

कांग्रेस नेता ने छात्र आंदोलन के दौरान जेन-जी द्वारा अपशब्दों के इस्तेमाल पर उन्हें माफ करने के प्रधानमंत्री के शुक्रवार रात जारी बयान को ही उन्हीं पर हमले के लिए इस्तेमाल किया। चेन्नई में पीड़ित छात्रों के परिजनों संग अपने मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना, इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।

भ्रष्ट शिक्षा प्रणाली के बारे में कई सवाल

ये एक गम उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा। और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट शिक्षा प्रणाली के बारे में कई सवाल। पेपर लीक, रद्द परीक्षाएं, सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद। हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है। और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ" करने की बात करते हैं।

क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, जिंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं। भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं मोदी जी को उनसे माफी मांगनी चाहिए।''

संसद में गतिरोध कायम रहने की आशंका इसलिए भी है कि सत्तापक्ष और विपक्ष ही नहीं बल्कि स्पीकर ओम बिरला की तरफ से इसका हल निकालने की अभी तक कोई पहल नहीं हुई है।

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने इस बारे में कहा कि गृहमंत्री से सदन में आने और छात्रों पर पैलेट गन चलाने के बारे में बयान की नेता विपक्ष की मांग बिल्कुल वाजिब है। सरकार इस पर चुप है मगर विपक्ष छात्रों से जुल्म के सवाल पर पीछे नहीं हटेगा।

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