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भारत का पहला Budget, स्कॉटिश अर्थशास्त्री से रिश्ता और निर्मला सीतारमण का रिकॉर्ड... पढ़ें दिलचस्प कहानियां

Published: Sat, 31 Jan 2026 09:09 PM (IST)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश कर एक रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं। भारत में बजट पेश ...और पढ़ें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। (फाइल फोटो)

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार 1 फरवरी, 2026 को देश का आम बजट पेश करने जा रही हैं। इसके साथ ही एक रिकॉर्ड भी बनाने जा रही हैं। वह लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगीं। आम बजट से राजनीतिक, परंपरा और बदलते इतिहास की कई कहानियां जुड़ी हुई हैं।

एक समय था जब इंग्लैंड के समय के मुताबिक, भारत में शाम 5 बजे बजट पेश किया जाता था। समय बदला तो ये परंपरा भी बदली और अब सुबह 11 बजे इसे पेश किया जाने लगा। कभी ब्रीफकेस में बजट लाया जाता था तो अब डिजिटल युग में टैबलेट पर संसद के पटल पर रखा जाता है। तो आइए जानते हैं बजट की कुछ दिलचस्प कहानियां।

कब पेश हुआ भारत का पहला बजट?

भारत का पहला बजट 1860 में यानि अब से 166 साल पहले ब्रिटिश राज में पेश किया गया था। उस वक्त इसे स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने तैयार किया था। ब्रिटिश शासन के अधीन भारत के उस पहले बजट का मकसद प्रशासनिक और सैन्य खर्चों को व्यवस्थित करना था।

साढ़े सात महीने के लिए पेश हुआ था आजाद भारत का पहला बजट

भारत को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को पेश किया गया। इसे आरके शनमुगम चेट्टी ने पेश किया था। चूंकि उस वक्त देश नई व्यवस्था में ढल रहा था तो इस बजट को साढ़े सात महीने के लिए पेश किया गया था। आत्मनिर्भरता और योजना आधारित विकास की ओर बढ़ते आजाद भारत की आर्थिक सोच की पहली झलक इस बजट में दिखी।

जवाहरलाल नेहरू ने भी रहे वित्त मंत्री

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी वित्त मंत्री की भूमिका निभाई थी। उन्होंने 13 फरवरी से 13 मार्च 1958 के बीच वित्त मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। भारत के इतिहास में यह किसी भी वित्त मंत्री का सबसे छोटा कार्यकाल माना जाता है।

देश की पहली महिला वित्त मंत्री

ज्यादातर लोग जानते हैं कि देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हैं लेकिन यह जानकार हैरानी होगी कि ऐसा नहीं है। दरअसल, 1970 में जब मोरारजी देसाई ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण के विरोध में वित्त मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, उस वक्त इंदिरा गांधी ने बतौर प्रधानमंत्री बजट पेश किया था। उनके पास वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार था।

हालांकि, बतौर पूर्णकालिक पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में पद संभाला और पूर्णकालिक वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश करने वाली वह देश की पहली महिला भी बनीं।

सबसे ज्यादा किसने बजट किए पेश?

भारत में सबसे ज्यादा बजट पेश का करने का रिकॉर्ड पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने 10 बार बजट पेश किया है। हालांकि वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस रिकॉर्ड की बराबरी या तोड़ भी सकती हैं, क्योंकि वह लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं। वह मोरारजी देसाई से सिर्फ एक कदम के फासले पर खड़ी हैं और लगातार सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड उनके नाम है।

सबसे लंबा बजट भाषण का रिकॉर्ड

यह रिकॉर्ड भी मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम है। उन्होंने 2020 में बजट का भाषण 2 घंटे से ज्यादा समय तक पढ़ा था। इतना ही नहीं उन्हें बीच में थककर रुकना भी पड़ा था।

1973 का ब्लैक बजट

पूर्व वित्त मंत्री यशवंतराव बी चव्हाण ने 1973 में जो बजट पेश किया, उसे इतिहास में ब्लैक बजट के नाम से जाना गया। उस वक्त राजकोषीय घाटा 550 करोड़ रुपये था। उस वक्त ये एक बड़ी रकम थी और इसे बेहद चिंताजनक माना गया। यही वजह थी कि इसे ब्लैक बजट माना गया। तब तेल संकट और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक दबावों ने भारत की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया था।

शाम 5 बजे से सुबह 11 बजे का समय

देश आजाद होने से पहले और उसके बाद भी 1998 तक आम बजट शाम को 5 बजे पेश किया जाता था। आजादी से पहले इसकी टाइमिंग इसलिए ऐसी थी क्योंकि इसे ब्रिटिश संसद के समय के मुताबिक सुबह 11.30 बजे पेश किया जाता था। यह परंपरा लगातार बनी रही और फिर बाद में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा इस परंपरा को तोड़ा। उन्होंने भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे बजट पेश किया।

इसके अलावा पहले बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था। इसमें मोदी सरकार ने 2017 में बदलाव करते हुए इसकी तारीख 1 फरवरी कर दी। इतना ही नहीं 2026 वह साल भी है जब बजट को रविवार के दिन पेश किया जा रहा है।

ब्रीफकेस गया टैबलेट आया

एक समय था जब बजट ब्रीफकेस में आता था, लेकिन 2019 में जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन पहुंचीं तो उनके हाथ में लाल रंग के कवर में छोटा सा टैबलेट था। यह रिवाज आज भी बरकरार है।

पेपर से पेपरलेस

2021 में पहली बार भारत का पूरा बजट डिजिटल हो गया। न तो भारी-भरकम दस्तावेजों की जरूरत और न संसद में मोटी-मोटी किताबें बांटने की जरूरत। सांसदों को टैबलेट पर बजट दस्तावेज मिले। इसे भारत के बजट इतिहास में बड़ा तकनीकी बदलाव माना गया।

रेलवे बजट की परंपरा भी खत्म

भारत में आम बजट से पहले रेल बजट पेश करनी की भी परंपरा रही। इस बजट को लेकर भी जनता उत्सुक रहती थी लेकिन 2017 में इस रेलवे बजट को आम बजट से मिला दिया गया। इसके बाद रेलवे खर्च और योजनाएं भी आम बजट का हिस्सा बन गईं। आखिरी रेलवे बजट पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 25 फरवरी, 2016 को पेश किया था।

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