नहीं लगेगा लॉकडाउन... अफवाहों पर सरकार ने लगाया विराम; पेट्रोल-डीजल पर भी आया अपडेट
केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन लगाने की किसी भी योजना से इनकार किया है और जनता से अफवाहों पर ...और पढ़ें

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को खारिज किया

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जागरण ब्यूरो, जागरण। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है और न ही इस दिशा में किसी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। साथ ही देश की जनता से भी अपील की गई है कि वह इस तरह के अफवाहों को खारिज करे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश के विभिन्न हिस्सों में फैल रही लॉकडाउन संबंधी चर्चाओं को सिरे से अफवाह करार दिया। जबकि राज्यसभा में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आश्वस्त किया कि लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसके बाद पश्चिम एशिया पर आयोजित दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बात को जोर देकर दोहराया।

LPG पर सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने इसके साथ ही कहा कि एक बड़ा कदम उठाते हुए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया गया है। एलपीजी की आपूर्ति को चिंताजनक बताने के बावजूद सरकार ने राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन 50 फीसद से बढ़ा कर 70 फीसद करने का फैसला किया है जो बताता है कि स्थिति पहले से सुधरी है।
इससे स्टील, आटो व दूसरे उद्योगों को एलपीजी की आपूर्ति बढ़ेगी। शुक्रवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पहले लिखा, 'जब बाकी दुनिया ईंधन संरक्षण के लिए सख्त कदम उठा रही है जैसे ऑड-ईवन, चार दिन का कार्य सप्ताह, स्कूल-ऑफिस बंदी और ईंधन की कीमतों में 20-30 फीसद की बढ़ोतरी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा सुरक्षा, उपलब्धता और किफायती मूल्य का एक नखलिस्तान बना हुआ है।

वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को और आसान बनाने के लिए सरकार ने राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन बढ़ाकर 70 फीसद करने का फैसला किया है। इसके साथ ही 20 फीसद आवंटन स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और अन्य लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को दिया जाएगा। उन इंडस्ट्रीज को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पाइप्ड गैस विकल्प नहीं है।'
पेट्रोल पंप पर न लगाए भीड़
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति को लेकर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही लॉकडाउन को लेकर जारी अफवाहों को खारिज किया और कहा कि 'इस तरह का कोई विचार ही नहीं है। पेट्रोल पंप पर लोग भीड़ लगायें, इसकी कोई जरूरत नहीं है।'
उन्होंने जोर देकर कहा कि “देश में ना तो कच्चे तेल की कोई कमी है, ना पेट्रोल-डीजल की और ना ही एलपीजी या पीएनजी की। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के नए फैसले से उद्योग क्षेत्र को और राहत मिलेगी। वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने का फैसला अफवाहों पर लगाम लगाएगा।'

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ लग रही है और वहां पेट्रोलियम उत्पादों की स्थानीय कमी महसूस की जा रही है। लेकिन इसके लिए उन्होंने अफवाहों को जिम्मेदार ठहराया।
पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं
आम जनता से अपील की गई कि वे अपनी आवश्यकता से अधिक पेट्रोलियम उत्पाद न खरीदें। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के पास पेट्रोलियम उत्पादों का 60 दिनों से अधिक का भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि 26 मार्च को देशभर में एलपीजी की 61 लाख बुकिंग की गई और 54 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि देश में कुल एक लाख पेट्रोल पंप हैं, जिनमें 91 फीसद सरकारी क्षेत्र की कंपनियों के हैं। इन सभी पंपों को नियमित रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है। निजी क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों पर भी कुल उत्पादन का एक निश्चित हिस्सा भारत को बेचने की जिम्मेदारी है।
इसलिए पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने की कोई जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि ऊर्जा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है। वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति बढ़ाने के फैसले से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और आम उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार की अनिश्चितता दूर होगी।
