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होटल-रेस्तरां में खाना हुआ महंगा, सब्सिडी वाली रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए केंद्र सख्त; राज्यों को दिए निर्देश

By Jayprakash RanjanEdited By: Amar Kumar Yadav
Published: Fri, 01 May 2026 01:29 PM (IST)Updated: Fri, 01 May 2026 03:18 PM (IST)

वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडरों की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद, केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

प्रतीकात्मक फोटो।

प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर की कीमत में रिकॉर्ड ₹993 रुपये की वृद्धि हुई

  2. सब्सिडी वाले घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकने को लेकर केंद्र सख्त

  3. देशभर में 2300 से अधिक छापेमारी, वितरकों पर जुर्माना लगाया गया

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की कीमतों में रिकार्ड बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार अब इस बात के पुख्ता इंतजाम करने में जुट गई है कि, सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की ब्लैक मार्केटिंग कमर्शियल सेक्टर में न हो पाए।अब इन दोनों के बीच करीब दो हजार रुपये का फर्क हो गया है, जिससे डायवर्शन की आशंका बढ़ गई है।

गुरुवार को देर शाम पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी सरकारी तेल कंपनियों (आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल) और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों के साथ विस्तृत विचार विमर्श किया। बैठक में ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) और होर्डिंग (जमाखोरी) को रोकने के लिए तत्काल कदमों पर चर्चा हुई।

कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सरकारी तेल कंपनियों (ओएमसी) ने शुक्रवार से 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर (जो होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होते हैं) की कीमत 993 रुपये बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में अब यह सिलिंडर 3,071.50 की हो गई है, जो पहले 2,078.50 रुपये की थी।

यह अब तक की सबसे बड़ी एकल बढ़ोतरी है। 5 किलो के छोटे एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलिंडर की कीमत भी 261 रुपये बढ़ाई गई हैं। ये सिलेंडर आमतौर पर गरीब परिवार, मजदूर और अकेले रहने वाले छात्र इस्तेमाल करते हैं। इससे पहले 1 अप्रैल को 195.50 और मार्च को 114.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हो चुकी थी।

इस हिसाब से तीन महीनों में 19 किलो कमर्शियल सिलिंडर की कुल बढ़ोतरी 1,303 रुपये हो गई है। दूसरी तरफ ओएमसी की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि, आम घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमतों में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है।

ब्लैकमार्केटिंग का खतरा बढ़ा

इस बढ़ोतरी के बाद 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर और सब्सिडी वाले 14.2 किलो घरेलू सिलिंडर के बीच मूल्य अंतर काफी बढ़ गया है। ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को और सख्त निर्देश दिए गए हैं। देश भर में एलपीजी की होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है।

बुधवार (29 अप्रैल) को पूरे देश में 2,300 से अधिक छापेमारी की गई। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं। अब तक 336 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया जा चुका है, जबकि 72 डिस्ट्रीब्यूटरशिप को सस्पेंड कर दिया गया है। 29 अप्रैल 2026 को 50 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 11 डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना थोपा गया।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों से अपील की है कि, वे आपूर्ति की स्थिति पर सतर्क नजर रखें और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करें। सरकार का मानना है कि घरेलू सब्सिडी वाले सिलिंडरों का दुरुपयोग किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए, खासकर जब कमर्शियल सिलेंडर अब काफी महंगे हो गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए पहले से ही मजबूत तैयारी चल रही है। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000 के तहत पूर्ण रूप से सक्षम हैं। वे एलपीजी सहित पेट्रोल, डीजल जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी और होर्डिंग-ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।

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