नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत ने गुरुवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में बाकी गतिरोध स्थलों से सेनाओं को पीछे हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी होने से भारत-चीन सेनाओं द्वारा तनाव घटाने पर विचार करने और सीमा क्षेत्रों में पूर्ण शांति बहाली सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इस तरह के कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों में प्रगति हो सकेगी।

अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए करनी होगी पहल

काबुल एयरपोर्ट पर सुरक्षा प्रदान करने में तुर्की द्वारा पाकिस्तानी एजेंसियों की मदद मांगने संबंधी सवाल पर बागची ने कहा, 'भारत विकास, लोकतंत्र, मानवाधिकार और प्रगति का समर्थक रहा है। हर साझीदार के बारे में फैसला अफगानिस्तान के लोगों को करना है कि इन साझीदारों के कदमों ने अफगानी लोगों को किस तरह प्रभावित किया है।' उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान पर अमेरिकी विशेष दूत खलीलजाद ने वहां के हालिया घटनाक्रमों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर को जानकारी दी है।

प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकारों पर विशेष प्रतिनिधि मैरी लालोर की उस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद छात्र कार्यकर्ताओं नताशा नरवल और देवांगना कालिता को रिहा नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की थी। इस बीच, विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने गुरुवार को सिंगापुर के वरिष्ठ विदेश राज्यमंत्री सिम एन से वर्चुअल मीटिंग की। इसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व क्षेत्रीय मसलों पर विचार-विमर्श किया।

Edited By: Arun Kumar Singh