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पेट्रोल पर जीरो, डीजल और ATF एक्सपोर्ट पर एक्स्ट्रा टैक्स; आप पर क्या होगा इसका असर?

Published: Sat, 31 Oct 2026 04:44 PM (IST)

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें पेट्रोल पर लगने वाला शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ा टैक्स

डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ा टैक्स

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संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले शुल्कों में बड़ा बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले 2.5 रुपये प्रति लीटर के विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क(SAED) को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। यानी अब पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क नहीं लगेगा।

एक तरफ जहां सरकार ने छूट दी है, तो दूसरी ओर डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर शिकंजा कसा है। हाई-स्पीड डीजल पर लगाने वाले शुल्क को 8.5 रुपये से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन पर लगने वाले शुल्क को 10.5 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

तत्काल प्रभाव से लागू हुईं दरें

राजस्व विभाग ने अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए इन संशोधित दरों की जानकारी दी है। इनमें ATF के निर्यात पर शुल्क बढ़ाने के लिए विशेष रूप से अधिसूचना संख्या 56/2026-सेंट्रल एक्साइज जारी की गई है। ये सभी नई दरें 31 अक्टूबर से लागू हो गई हैं, जो आधिकारिक गजट में प्रकाशन की तिथि भी है।

क्यों लगाए गए थे ये शुल्क?

पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर ये शुल्क पहली बार 27 मार्च 2026 को पश्चिम एशिया के संकट के दौरान लगाए गए थे। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।

सरकार का मुख्य उद्देश्य इन शुल्कों के जरिए निर्यात को हतोत्साहित करना था, ताकि देश के भीतर नागरिकों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता हमेशा बनी रहे।

हर 15 दिन में होती है समीक्षा

शुरुआत से ही सरकार हर 15 दिन में इन शुल्कों की समीक्षा करती आ रही है। इस समीक्षा प्रक्रिया में पिछले पखवाड़े के दौरान कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की अंतरराष्ट्रीय औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के मुताबिक ही इन दरों में फेरबदल किया जाता है।

इस ताजा बदलाव से ठीक पहले, यानी 16 अक्टूबर की समीक्षा के बाद, पेट्रोल पर 2.5 रुपये, डीजल पर 8.5 रुपये और ATF पर 10.5 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लग रहा था। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आए बदलावों और घरेलू बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह ताजा कदम उठाया है।

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