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कैंसर की 137 दवाओं की कम होगी कीमत, लेकिन क्या अस्पताल के बिल में दिखेगा फर्क?

Published: Tue, 20 Oct 2026 11:09 AM (IST)

केंद्र सरकार ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य के 30 प्रतिशत तक सीमित कर ...और पढ़ें

अस्पताल के अन्य खर्च बढ़ाने की आशंका।

अस्पताल के अन्य खर्च बढ़ाने की आशंका।

HighLights

  1. 137 कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन सीमित।

  2. 9 नवंबर से लागू होंगी नई, सस्ती कीमतें।

  3. अस्पताल अन्य खर्च बढ़ा सकते हैं, आशंका।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 137 कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को अधिकतम खुदरा मूल्य के 30 प्रतिशत तक सीमित करने का फैसला किया है।

17 अक्टूबर को जारी सरकारी अधिसूचना के बाद ये संशोधित कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी। हालांकि इसका असली फायदा मरीजों को तभी मिलेगा जब इसे ठीक से लागू किया जाए और इसकी निगरानी की जाए, ताकि उनके मेडिकल बिल सच में कम हो सकें।

अस्पताल के अन्य खर्च बढ़ने की आशंका

इस फैसले से अस्पतालों को सप्लाई की जाने वाली दवाओं की कीमत और उनके MRP के बीच का अंतर कम हो सकता है। लेकिन, स्वास्थ्य सेवा की कुल लागत पर इसका असर सीमित हो सकता है, क्योंकि अस्पताल अपने कम हुए मार्जिन की भरपाई करने के लिए अन्य चीजों जैसे कि इस्तेमाल होने वाले सामान, जांच या प्रक्रियाओं के दाम बढ़ा सकते हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य और उद्योग विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए बताया कि 2017 में जब कार्डियक स्टेंट की कीमतें सीमित की गई थीं, तब भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था उस समय कई निजी अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी पैकेज के दाम बढ़ा दिए थे।

9 नवंबर से लागू होंगी कीमतें

कैंसर की दवाएं चाहे वे ब्रांडेड हों या जेनेरिक और चाहे घरेलू कंपनियों की हों या MNCs की 9 नवंबर से नई कीमतों पर उपलब्ध होंगी। जीवन रक्षक इंजेक्शन वाली इन दवाओं की एक बड़ी आपूर्ति सीधे अस्पतालों को जाती है इसलिए इस आदेश के तहत अस्पताल ही यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि मरीजों से नई कीमतें ही ली जाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सभी मेडिकल उत्पादों के मार्जिन को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि सभी मेडिकल बिलों को काफी हद तक कम करने के लिए सभी मेडिकल उत्पादों के मार्जिन को तर्कसंगत बनाने और अस्पतालों द्वारा लिए जाने वाले शुल्कों की कड़ी निगरानी करने की आवश्यकता है।

महंगी कैंसर दवाओं के घटेंगे दाम

इस फैसले से उन महंगी कैंसर दवाओं की कीमतों में गिरावट आएगी, जिनका MRP प्रति पैक या शीशी 5 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। जिनमें प्रमुख दवाइयां पर्टुज़ुमैब और ट्रैस्टुज़ुमैब का कॉम्बिनेशन, एटेजोलिजुमैब, टेक्लिस्टमैब, इनोटुज़ुमैब ओजोगैमिसिन, डाराटुमुमैब हैं।

शेयर बाजार पर असर

17 अक्टूबर को सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर प्रमुख अस्पताल कंपनियों के शेयर में गिरावट दर्ज की गई।

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