जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गृह युद्ध में फंसे दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला से भारत कच्चे तेल की खरीद करे या नहीं इसको लेकर भारत और अमेरिका के बीच जबरदस्त सौदेबाजी हो रही है। सोमवार को वाशिंगटन में भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो के बीच हुई वार्ता में भी यह मुद्दा काफी अहम रहा।

बैठक के बाद पोंपियो ने उम्मीद जताई है कि भारत, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के एकाधिकारवादी शासन के लिए आर्थिक संबल नहीं बनेगा और नई दिल्ली इस लातिन अमेरिकी देश से तेल की खरीद नहीं करेगा। जबकि भारत पक्षकारों ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि वह वेनेजुएला से तेल खरीद पर विराम लगा सकते हैं लेकिन उनके लिए इसकी भरपाई की भी व्यवस्था होनी चाहिए। भारत चाहता है कि अमेरिका ने उस पर ईरान से तेल खरीदने की जो छूट दे रखी है उसे आगे भी जारी रखी जाए।

भारत अभी वेनेजुएला से तकरीबन तीन लाख बैरल प्रति दिन के हिसाब से तेल खरीदता है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता देश भारत के लिए वेनेजुएला तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है। अभी भी वेनेजुएला की सरकार बेहद संकट में है और वह भारत को आसान शर्तो पर तेल बेचने की पेशकश कर चुकी है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने की कोशिश में जुटे अमेरिका के लिए यह जरुरी है कि भारत इस तरह का कोई सौदा नहीं करे। भारत की तरफ से इस बात के संकेत दिए गए हैं कि वह वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद करने जा रहा है। अमेरिका के प्रमुख सीनेटर मार्को रूबियो ने इस बारे में ट्विट भी किया है और पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यालय को धन्यवाद भी किया है। मार्को ने लिखा है कि भारत की तरफ से तेल नहीं खरीदने के फैसले को एक बड़ा कदम बताया है। भारत को एक उभरती शक्ति व लोकतांत्रिक देश बताते हुए उन्होंने यह भी कहा है कि वह बढ़ते आतंकवाद का सामना कर रहा है।

भारत सरकार की तरफ से अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है लेकिन माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से निजी व सरकारी क्षेत्र की कंपनियों को यह संकेत दे दिया गया है कि वे वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद करे। सनद रहे कि अमेरिका ने ईरान से तेल बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा रखा है। भारत उन गिने चुने देशों में शामिल है जिन्हें अमेरिकी प्रशासन ने इरान से तेल खरीदने में छूट दी हुई है। यह छूट मार्च, 2019 तक के लिए है और भारत की तरफ से अमेरिका को कहा गया है कि उसे आगे भी यह छूट मिलनी चाहिए। माना जा रहा है कि वेनेजुएला से तेल खरीद बंद करने के बाद भारत के लिए यह छूट हासिल करना आसान हो जाएगा।

Posted By: Ravindra Pratap Sing