विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पहले खत्म करो आतंकवाद, फिर होगी सिंधु जल समझौते पर बात', भारत की पाकिस्तान को दो टूक

Published: Fri, 03 Jul 2026 06:50 PM (IST)Updated: Fri, 03 Jul 2026 07:12 PM (IST)

भारत ने पाकिस्तान को सिंधु जल समझौते पर दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा-पार पहले आतंकवाद को खत्म करो।

HighLights

  1. भारत ने सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है।

  2. सीमा-पार आतंकवाद के समर्थन के कारण संधि पर भारत का रुख रुका।

  3. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से आतंकवाद खत्म करने की मांग की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने आज शुक्रवार 3 जुलाई को सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने फिर कहा कि पाकिस्तान की तरफ से सीमा-पार आतंकवाद को समर्थन देने की वजह से सिंधु जल संधि (IWT) पर भारत का रुख फिलहाल रुका हुआ है।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है। पाकिस्तान द्वारा सीमा-पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने के जवाब में Indus Waters Treaty फिलहाल रुकी हुई है।'

विदेश मंत्रालय की तरफ से तीस्ता नदी परियोजना पर भी जवाब दिया गया है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने प्रस्तावित तीस्ता नदी परियोजना पर बांग्लादेश को अपना पक्ष पहले ही बता दिया है।

आतंकवाद रोको, फिर बात करो

रणधीर जायसवाल ने कहा, 'पाकिस्तान को सीमा-पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन भरोसेमंद और पक्के तौर पर छोड़ना होगा।'

भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को रोक दिया था। भारत के इस सख्त कदम के बाद ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

पाकिस्तान की गीदड़भभकी का जवाब

इस हफ्ते की शुरुआत में, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भारत को गीदड़भभकी दी थी और नई भारत पर पानी का इस्तेमाल रणनीतिक हथियार के तौर पर करने की बात कही थी।

ANI के मुताबिक बिलावल ने कहा, 'पाकिस्तान को साफ-साफ बात करनी चाहिए। सिंधु कोई दबाव बनाने का जरिया नहीं है। सिंधु कोई मोल-भाव करने की चीज नहीं है। सिंधु कोई ऐसा हथियार नहीं है जिसे भारत के हाथों में सौंप दिया जाए।'

बिलावल भुट्टो ने आगे कहा था, 'सिंधु पाकिस्तान की जीवन रेखा है। और इस जीवन रेखा को गले का फंदा बनाने की किसी भी कोशिश को हमारे देश के अस्तित्व के लिए खतरा माना जाना चाहिए। यही संदेश पाकिस्तान को भारत तक पहुंचाना चाहिए।'

पाकिस्तान की तरफ से ऐसे बयान बार-बार सामने आ रहे हैं, लेकिन भारत का हर बार एक ही जवाब है कि पहले पाकिस्तान अपने यहां आतंकवाद खत्म करे, तभी भारत बातचीत करने के लिए तैयार होगा।

तीस्ता प्रोजेक्ट पर भारत का रुख

तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली प्रोजेक्ट पर सवालों का जवाब देते हुए, रणधीर जायसवाल ने कहा, 'बांग्लादेश में प्रोजेक्ट्स के लिए भारत की विकास सहायता आपसी सहमति वाले रोडमैप पर आधारित है, जिसकी नियमित रूप से समीक्षा की जाती है।'

जायसवाल ने आगे कहा, 'तीस्ता नदी प्रोजेक्ट पर हमारी राय बांग्लादेशी पक्ष को पहले ही बता दी गई है। हम तीस्ता मुद्दे पर अपने समग्र दृष्टिकोण में सभी संबंधित घटनाक्रमों को ध्यान में रखेंगे।'

विदेश मंत्रालय की तरफ से ये टिप्पणियां बांग्लादेश और चीन के बीच भारत से बहने वाली तीस्ता और अन्य सीमा-पार नदियों के प्रबंधन पर सहयोग करने पर सहमत होने के कुछ दिनों बाद आई हैं।

यह भी पढ़ें- 'सीमा पार से आतंकवाद बर्दाश्त नहीं', भारत-जापान का पाकिस्तान को कड़ा संदेश