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बेंगलुरु-मुंबई के बीच दौड़ेगी देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 16 घंटे से भी कम में पूरा होगा सफर

Published: Mon, 05 Oct 2026 06:39 PM (IST)

देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही बेंगलुरु और मुंबई के बीच शुरू होगी, जिससे दोनों शहरों के ...और पढ़ें

बेंगलुरु-मुंबई के बीच दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द शुरू होगी

बेंगलुरु-मुंबई के बीच दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द शुरू होगी

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस साल की शुरुआत में गुवाहाटी और हावड़ा के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने के बाद, इंडियन रेलवे अब दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उम्मीद है कि रेलवे बोर्ड जल्द ही KSR बेंगलुरु-मुंबई CSMT वंदे भारत स्लीपर के लिए नोटिफिकेशन जारी करेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ट्रेन को इसी महीने के आखिर में हरी झंडी दिखाई जा सकती है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर सर्विस से भारत के टेक्नोलॉजी हब बेंगलुरु और फाइनेंशियल कैपिटल मुंबई के बीच रेल यात्रा के समय में काफी कमी आने की उम्मीद है।

मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, यह प्रीमियम ट्रेन दोनों दिशाओं में हफ्ते में छह दिन चलेगी और 16 घंटे से भी कम समय में यह दूरी तय करेगी। अभी, इन दोनों शहरों को जोड़ने वाली एकमात्र सीधी डेली चलने वाली ट्रेन, उद्यान एक्सप्रेस, को यह सफर पूरा करने में औसतन 24 घंटे लगते हैं।

संभावित समय के अनुसार, यह ट्रेन रात 10 बजे KSR बेंगलुरु से रवाना हो सकती है और अगले दिन दोपहर 1:50 बजे मुंबई CSMT पहुंच सकती है। वापसी की यात्रा में यह रात 10:30 बजे मुंबई से चल सकती है और अगले दिन दोपहर 1:50 बजे बेंगलुरु पहुंच सकती है। ये संभावित समय हैं और इनमें बदलाव हो सकता है।

हालांकि अभी तक आधिकारिक लॉन्च की तारीख का एलान नहीं किया गया है, लेकिन रेलवे जोन से कहा गया है कि वे जल्द से जल्द यह सेवा शुरू करें। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके तय स्टॉप में अनंतपुर, गुंटाकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर और कल्याण शामिल होंगे।

30 से ज्यादा सालों से यात्री बेंगलुरु और मुंबई के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी की मांग कर रहे हैं। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद, इन दोनों शहरों के बीच ट्रेन से यात्रा करने में काफी समय लगता है। प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर सेवा से इस पुरानी मांग को पूरा करने और शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

वंदे भारत स्लीपर क्यों है खास?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 पैसेंजर कोच हैं। इस रेक में 11 AC 3-टियर कोच, चार AC 2-टियर कोच और एक AC फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं।

ट्रेन को 160 kmph तक की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि इसकी टेस्टिंग स्पीड 180 kmph है, जो इसे सेमी-हाई-स्पीड कैटेगरी में रखती है। हालांकि, भारतीय रेलवे नेटवर्क के ज्यादातर हिस्से इतनी तेज रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए तैयार नहीं हैं।

यूरोपियन ट्रेनों के डिजाइन से प्रेरित होकर, वंदे भारत स्लीपर कोच में ज्यादा आराम देने के लिए कुशन वाली बर्थ लगाई गई हैं। ऊपरी बर्थ के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है ताकि यात्रियों के लिए ऊपर चढ़ना आसान हो।

यात्रियों की सुविधाओं में खास नाइट लाइट्स, विज़ुअल डिस्प्ले के साथ इंटीग्रेटेड पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, CCTV कैमरे और मॉड्यूलर पैंट्री यूनिट शामिल हैं।

यात्रिय्पों को मिलेगी प्रीमियम सुविधा 

स्लीपर ट्रेन में फ्लाइट की तरह मॉडर्न बायो-वैक्यूम टॉयलेट भी लगे हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए बने अलग टॉयलेट में बेबी केयर स्टेशन भी है।

AC फर्स्ट क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा भी मिलती है। सुरक्षा के लिए, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्वदेशी 'कवच' (KAVACH) एंटी-कोलिज़न सिस्टम लगा है।

वंदे भारत के चेयर कार वर्जन की तरह, स्लीपर वर्जन में भी एनर्जी एफिशिएंसी बेहतर करने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।

सीधे ड्राइवर से कर सकेंगे बात 

कोच के बीच ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग दरवाजे लगाए गए हैं। गैंगवे पूरी तरह से सील हैं, जिससे ट्रेन के अंदर साफ हवा बनाए रखने और तापमान को सही ढंग से कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

हर कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग रीडिंग लाइट्स, चार्जिंग पॉइंट्स और रिफ्रेशमेंट टेबल जैसी सुविधाएं हैं। इसके अंदरूनी हिस्से में GFRP पैनल का इस्तेमाल किया गया है।

ट्रेन के दरवाजे तय स्टेशनों पर अपने-आप खुलने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इस ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी है।

इमरजेंसी कम्युनिकेशन सुविधा से यात्री जरूरत पड़ने पर सीधे ड्राइवर से बात कर सकते हैं। साथ ही, ICF वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अपना वर्शन बनाने पर भी काम कर रहा है।

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