सड़क से कोर्ट तक आर-पार की लड़ाई, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन का आज फिर प्रदर्शन
विपक्षी इंडी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क से लेकर अदालत तक आंदोलन तेज कर दिया ...और पढ़ें
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इंडी गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा(फोटो: एएनआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडी गठबंधन का आंदोलन अब एक साथ सड़क और कोर्ट दोनों मोर्चें पर शुरू हो गया है। एक तरफ विपक्ष सड़कों पर विरोध प्रदर्शन तेज कर रहा है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से छूट देने वाले कानून के खिलाफ कानूनी रास्ता अपना रहा है।
इस आंदोलन को धार देने के लिए विपक्षी गठबंधन के शीर्ष नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव भी राजधानी पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को दिल्ली में ही रहने के निर्देश दिए हैं। राहुल गांधी ने अपना गोवा दौरा टालकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठकें की हैं।
2023 के कानून पर मल्लिकार्जुन खरगे का हमला
बेंगलुरु में दिए बयान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2023 में बनाए गए कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को ऐसी कानूनी सुरक्षा दी गई है, जो राष्ट्रपति या देश के मुख्य न्यायाधीश को भी हासिल नहीं है।
खरगे ने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए चुनाव आयुक्तों को जीवनभर के लिए जवाबदेही से मुक्त कर दिया गया है। उनके अनुसार, यह जनता के वोट छीनने और लोकतंत्र को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है, जिसके खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी
इंडी गठबंधन के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर पहले ही ज्ञापन सौंप चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले पर मिलने के बजाय याचिका दाखिल करने को कहा है। विपक्ष की ओर से तैयार किए जा रहे ज्ञापन और कानूनी रणनीति में मुख्य रूप से ये मुद्दे शामिल हैं।
- 2023 के कानून में चुनाव आयुक्तों को रिटायर्मेंट के बाद भी जांच या दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करता है।
- चुनाव आयुक्तों की चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर किए जाने का विरोध।
- इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम के जरिए कथित वोटों की चोरी से जुड़े दस्तावेज।
दिल्ली में आज फिर धरना-प्रदर्शन
संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक निकाले गए मार्च के बाद से ही विपक्षी गठबंधन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
विपक्षी नेताओं का दावा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में 30 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और 7 हजार से ज्यादा अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। शनिवार और रविवार को कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया, जिसे विपक्ष ने अभूतपूर्व स्थिति करार दिया है।
