जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बोइंग 737 मैक्स विमानों पर वैश्विक पाबंदी के बाद विभिन्न एयरलाइनों ने इन विमानों की खरीद से जुड़े अपने सौदों की समीक्षा शुरू कर दी है। इनमें इंडोनेशिया की एयरलाइने लायन एयर और गरुड़ सबसे आगे हैं जो मैक्स विमानों के आर्डर रद करने पर विचार कर रही हैं। बाकी एयरलाइनों ने भी सौदों पर पुनर्विचार के संकेत के संकेत दिए हैं।

दुनिया भर में मैक्स के 600 अरब डालर के सौदों पर खतरा मंडरा रहा है। इससे भारतीय एयरलाइनों-स्पाइसजेट और जेट एयरवेज पर भी ऐसा करने का दबाव बन रहा है। स्पाइसजेट ने कुल 205 मैक्स का सौदा किया है। इनमें से 12 आ चुके हैं। जबकि 193 आने हैं। दूसरी ओर जेट एयरवेज ने कुल 222 मैक्स विमानों के आर्डर दे रखे हैं। इनमें पांच की डिलीवरी मिल चुकी है।

लायन एयर ने पहले ही इस वर्ष मिलने वाले चार मैक्स विमानों की डिलीवरी पर रोक लगा दी है। जबकि 200 मैक्स विमानों की खरीद के 22 अरब डालर के सौदे को रद करने पर विचार शुरू कर दिया है। मैक्स के विकल्प के तौर पर उसका इरादा एयरबस के ए321 नियो विमान खरीदने का बन रहा है।

लायन एयर और बोइंग के बीच रिश्ते तभी से खराब होने लगे थे जब बोइंग ने जकार्ता हादसे के पीछे रखरखाव की समस्या को जिम्मेदार ठहराते हुए विमान में किसी खराबी से साफ इनकार कर दिया था।

लायन एयर के अलावा इंडोनेशिया की सरकारी एयरलाइन गरुड़ ने भी मैक्स के आर्डर रद करने की संभावना जताई है। गरुड़ के सीईओ अरि अश्खर ने कहा, 'हम 20 विमानों का आर्डर निरस्त करने पर विचार कर रहे हैं।'

वियतनाम की एयरलाइन वियतजेट एविएशन भी मैक्स सौदे पर नए सिरे से विचार कर रही है। इसने पिछले महीने ही मैक्स विमानों के अपने आर्डर को 12 अरब डालर से बढ़ाकर 25 अरब डालर किया था। केन्या एयरवेज ने भी, जो पहले मैक्स खरीदने पर विचार कर रही थी, अब एयरबस ए320 लेने के संकेत दिए हैं।

रूस की एयरलाइन यूटेयर एविएशन ने भी 30 मैक्स विमानों की डिलीवरी लेने से पहले बोइंग से गारंटी की मांग की है। हालांकि सऊदी अरब की एयरलाइन फ्लाईडील ने कहा है कि वो इथियोपिया हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही 50 मैक्स विमानों के सौदे के बाबत कोई निर्णय करेगी।

इथियोपियन एयरलाइन के रविवार के हादसे से पहले अक्टूबर में इंडोनेशिया की एयरलाइन लायन एयर का मैक्स विमान भी बिलकुल इसी तर्ज पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। दोनो उड़ानों के उपग्रह से प्राप्त फ्लाइट पाथ से पता चलता है कि दोनो ही मैक्स विमान टेक-आफ के तुरंत बाद लहराते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस अहम सुराग के बाद ही अमेरिकी नियामक एफएए को मैक्स विमानो पर रोक के लिए राजी होना पड़ा। अन्यथा एफएए बोइंग के इस तर्क से सहमत था कि मैक्स विमानों के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में कोई गड़बड़ नहीं है। 

Posted By: Bhupendra Singh

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