नई दिल्ली, एजेंसी। इन दिनों पाकिस्तान में राजनीतिक उठापटक का दौर जारी है। पाकिस्तान की आर्थिक मंदी को सुधारने के लिए अब सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने उसे अपने हाथों में ले लिया है। दूसरी ओर नेता फर्जुलरहमान ने इमरान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। वो अपने साथ जुड़े राजनीतिक संगठनों को लेकर इमरान को प्रधानमंत्री पद से हटाने में लगे हुए है। 

अब इमरान खान ने एक नया दिखावा शुरु किया है वो पीओके के युवाओं से अपील कर रहे हैं कि वो सीमा पार करके भारत की ओर न जाएं। उन्होंने आजादी मार्च में शामिल पीओके के युवाओं से कहा कि वो कंट्रोल लाइन(LOC)को पार न करें, अन्यथा भारतीय सीमा पर तैनात सैनिक उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस तरह की कार्रवाई से भारत को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मुद्दा मिल जाएगा।

इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि भी खराब होगी। इस वजह से जो भी युवा इस तरह के मार्च में शामिल हो रहे हैं वो सीमा पर पहुंचने के बाद किसी तरह की कोई ऐसी हरकत न करें जिससे अशांति फैले। एक ट्वीट करते हुए इमरान ने इस मार्च में शामिल हो रहे युवाओं से ये अपील की। 

दरअसल जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट की ओर से शनिवार को आजादी मार्च का आयोजन किया गया। ये मार्च मुजफ्फराबाद से शुरु होकर जकोटी इलाके तक निकाला जाना था। पाकिस्तान के जियो टीवी चैनल पर इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 

उधर पाकिस्तान के नेता असदुर्हमानी ने कहा कि आजादी मार्च में शामिल युवाओं को अपनी मांगों के लिए एलओसी(LOC)तक तो जाना चाहिए मगर उसे पार नहीं करना चाहिए, सीमा पार करना किसी भी तरह से ठीक नहीं होगा। ये उल्लंघन होगा। 

मालूम हो कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर के युवाओं का आवाहन किया था कि जब वो कहेंगे तो युवा सीमा की तरफ जाएं। उससे पहले वो किसी तरह से विरोध प्रदर्शन न करें। UNGA से लौटने के बाद एक सभा के दौरान उन्होंने ये बातें कही थी। साथ ही ये भी कहा था कि यदि कश्मीर के मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ नहीं हुआ तो युवाओं को आगे आना होगा, जब वो कहेंगे तो युवाओं को सीमा की तरफ कूच करना होगा। उनकी उसी बात को लेकर शनिवार को आजादी मार्च निकाला गया। 

Posted By: Vinay Tiwari

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