अक्टूबर ने तोड़ा 125 साल का रिकॉर्ड, नवंबर में भी सामान्य से अधिक रहेगा तापमान; IMD ने जारी किया पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नवंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और कम बारिश ...और पढ़ें
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अल नीनो के कारण तापमान रहेगा सामान्य से अधिक (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
नवंबर में अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहेगा।
मजबूत अल नीनो को मौसम बदलाव का कारण बताया।
अक्टूबर 1901 के बाद सबसे गर्म महीना रहा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर नवंबर में गुलाबी ठंड दस्तक देने लगती है, लेकिन इस बार देश के अधिकांश हिस्सों में नवंबर में भी गर्मी की तपिश महसूस हो सकती है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान की आशंका जताई है।
हालांकि, हिमालय की तलहटी वाले कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सक्रिय बेहद मजबूत अल नीनो को मौसम के इस मिजाज का कारण माना जा रहा है।
अल नीनो प्रशांत महासागर में होने वाली प्राकृतिक मौसमी घटना है। इसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान काफी गर्म हो जाता है, जिसका असर वायुमंडल पर भी पड़ता है। अल नीनो सामान्यतः वैश्विक तापमान बढ़ाता है।
मौसम विभाग ने यह भी कहा कि नवंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। हालांकि, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से कम रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार नवंबर में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, मध्य, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। पूरे देश में इस महीने दीर्घावधि औसत (एलपीए) की केवल 77 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है।
एलपीए का अर्थ किसी क्षेत्र में एक महीने या तय अवधि में दर्ज बारिश के उस औसत से है, जिसकी गणना आम तौर पर 30 से 50 वर्ष की लंबी अवधि के आंकड़ों के आधार पर की जाती है। मौसम विभाग ने बताया कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में फिलहाल अल नीनो बहुत मजबूत है।
मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (एमएमसीएफएस) और अन्य वैश्विक जलवायु माडल के पूर्वानुमानों के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में भी अल नीनो की स्थिति बेहद मजबूत रहने की आशंका है।
मजबूत 'अल नीनो' की वजह से इस साल अक्टूबर में भारत ने 1901 के बाद से सबसे अधिक मासिक औसत अधिकतम तापमान (32.43 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया। मौसम विभाग के अनुसार अक्टूबर के लिए सामान्य मासिक औसत अधिकतम तापमान 31.37 डिग्री सेल्सियस होता है।
इस बार अक्टूबर में औसत न्यूनतम तापमान 20.83 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद पांचवां सबसे अधिक तापमान रहा। अक्टूबर का सामान्य औसत न्यूनतम तापमान 20.01 डिग्री सेल्सियस होता है।
आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा कम दबाव का क्षेत्र
अंडमान सागर और उसके आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार सुबह 5:30 बजे यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह तथा अंडमान सागर के ऊपर था।
इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने और अवदाव (डिप्रेशन) में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और दो नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है।
जब किसी जगह की हवा गर्म होकर ऊपर उठ जाती है, तो वहां हवा का दबाव कम हो जाता है। इसी स्थिति को मौसम विज्ञान में 'अवदाव' या 'डिप्रेशन' कहते हैं। जब समुद्र के ऊपर ऐसा डिप्रेशन बनता है, तो आसपास की ठंडी हवा तेजी से इस खाली जगह को भरने के लिए दौड़ती है। इस कारण तेज हवाएं चलती हैं, घने बादल बनते हैं और भारी बारिश होती है। (समाचार एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)
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