हरेंद्र प्रताप। देश में बढ़ती अवैध घुसपैठ सुरक्षा के लिहाज से नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी। सरकार को इन घुसपैठियों की पहचान का काम तेज करते हुए उन्हे भारत से निकलने को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। भाजपा के संकल्प पत्र में कहा गया है कि घुसपैठ से कुछ क्षेत्रों की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान में भारी परिवर्तन हो रहा है अत: ऐसे क्षेत्रों में प्राथमिकता पर एनआरसी का कार्य करने तथा चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे देश में लागू किए जाने की बात कही गई है।

बड़ी समस्या
4096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश की सीमा काफी हद तक खुली हैं। 2216 किमी सीमा पश्चिम बंगाल से सटी हुई है। बंगाल सरकार बांग्लादेश से आने वाले मुस्लिमों को घुसपैठिया मानने को तैयार नही है। घुसपैठिए पहले पश्चिम बंगाल में आकर कुछ दिन रुककर मतदाता सूची में अपना नाम चढ़वाते है, राशन कार्ड बनवाते है या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर भारतीय नागरिक होने का पक्का कागजी बंदोबस्त कर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य में चले जाते हैं।

तेजी से हो समाधान
सरकार को बांग्लादेश से हो रही मुस्लिम घुसपैठ पर एक श्वेत पत्र प्रकाशित कर उनकी पहचान करनी चाहिए। गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पहचान के उनके सभी दस्तावेज जब्त कर उन्हें वापस भेजने की कार्ययोजना की घोषणा करनी चाहिए। साथ पूरे देश के भारतीय नागरिकों की नागरिकता पंजी बनाने का काम तेज करना होगा।

(पूर्व सदस्य, बिहार विधान परिषद)

 

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Posted By: Dhyanendra Singh

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