चेन्नई, आइएएनएस। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में नवोंमेष को बढ़ावा देने के मकसद से बुधवार को ‘एआइ-4भारत’ नामक प्लेटफॉर्म लांच किया। यहां कृषि, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं का समाधान करने के लिए एआइ बनाने में मदद करेगा।

संस्थान के कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मितेश खापड़ा और डॉ. प्रत्यूष कुमार ने कहा कि एआइ नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जहां छात्र हर समस्याओं का समाधान खोजेंगे। उन्होंने कहा कि एआइ इस युग की महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी है। हालांकि एआइ में आज ज्यादातर अनुसंधान पश्चिमी देशों की समस्याओं से प्रेरित है। मसलन, स्वचालित कार बनाने को ऐसे तंत्र को बनाने के बजाय प्राथमिकता दी जा रही है जिससे ग्रामीण सड़कों की दशा की निगरानी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत पर ध्यान केंद्रित करके इसमें बदलाव लाने की जरूरत है। इस दिशा में क्षेत्र के विशेषज्ञ और सरकार उन समस्याओं की पहचान करने में अहम भूमिका निभाएगी जो भारत के लिए विशिष्ट प्रकार की है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से ऐसी समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है।

खापरा ने कहा कि ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए यह एआइ से संबंधित अनुसंधान और विकास की ओर कदम बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए एक ऐसे प्लेटफॉर्म की आवश्यकता है जो एआइ पेशेवरों को एकजुट कर प्रभावकारी समाधान निकाल सके।

इसी को ध्यान में रखकर हमारा अगला लक्ष्य 100 चयनित एआई विशेषज्ञों और 50 क्षेत्र विशेषज्ञों का समूह तैयार करना है। स्टार्टअप वन फोर्थ लैब्स ‘एआइ4भारत’ के साथ मिलकर काम करेगा और कम शुल्क में एआइ में बेसिक व एडवांस्ड कोर्स ऑफर किया जाएगा। पांच महीने के ऑनलाइन कोर्स का फीस 1,000 रुपये है।

Posted By: Manish Pandey

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