साहिल सुसाइड केस: क्राइम ब्रांच ने 20 लोगों के दर्ज किए बयान किए दर्ज, केंद्रीय मंत्री आठवले भी पहुंचे IIT बॉम्बे
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े आत्महत्या मामले में क्राइम ब्रांच ने 20 बयान दर्ज किए हैं, जबकि परिजनों ने ...और पढ़ें

HighLights
क्राइम ब्रांच ने साहिल आत्महत्या मामले में 20 बयान दर्ज किए।
परिजनों ने आईआईटी बॉम्बे में जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री आठवले ने साहिल की मौत की गहन जांच मांगी।
राज्य ब्यूरो, मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) मुंबई के बीटेक छात्र साहिल वाकोड़े की आत्महत्या के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब तक संस्थान के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों समेत 20 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
इनमें परीक्षा हॉल में साहिल के साथ मौजूद छात्र और परीक्षा की निगरानी कर रहे शिक्षक भी शामिल हैं। जांच एजेंसी 18 सितंबर को हुई घटनाओं का क्रम पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, साहिल के पास आई फोन – 17 था। जिसे अनलॉक करने में परेशानी आ रही है। पुलिस के पास उपलब्ध फोरेंसिक उपकरणों से इस नए मॉडल का डेटा निकालने में दिक्कत आ रही है। जिसके कारण पुलिस को कॉल लॉग और संदेशों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
हालांकि, फोन की डिस्प्ले स्क्रीन पर कई मिस्ड कॉल की सूचनाएं दिखाई दे रही थीं। फोरेंसिक विशेषज्ञ फोन से डेटा निकालने का प्रयास कर रहे हैं। जांचकर्ताओं के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल के साथ क्या हुआ था।
पुलिस के अनुसार, साहिल 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:38 बजे परीक्षा हॉल से निकला था और लगभग 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में वापस पहुंचा। इन करीब 47 मिनटों के दौरान हुई घटनाओं का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, संस्थान परिसर और हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से मिली जानकारियों को आपस में जोड़कर घटनाक्रम समझने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को आइआइटी मुंबई का दौरा कर साहिल की मौत की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि आइआइटी में प्रवेश पाने वाले छात्र प्रतिभाशाली होते हैं। साहिल की मौत के पीछे के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
आठवले ने आशंका जताई कि संभव है किसी ने साहिल का अपमान किया हो, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। दूसरी ओर साहिल के माता-पिता रविंद्र वाकोड़े और सोनाली वाकोड़े ने बेटे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की थी।
उनका आरोप है कि साहिल को संस्थान में जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। वे मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच के साथ जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिजनों के वकील के अनुसार, गुरुवार सुबह जब साहिल के माता-पिता आइआइटी मुंबई परिसर जाने के लिए निकले, तो भांडुप में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। परिवार इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
