आईआईटी बांबे की छात्रों-शिक्षकों को हिदायत- छात्रों से प्रवेश श्रेणी, जेईई रैंक, गेट स्कोर न पूछें
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बांबे ने छात्रों, शिक्षकों (फैकल्टी) और स्टाफ सदस्यों को हिदायत दी है कि वह छात्रों से ...और पढ़ें

आईआईटी बांबे ने कहा- छात्रों से प्रवेश श्रेणी, जेईई रैंक, गेट स्कोर न पूछें (फाइल फोटो)
HighLights
कहा- इससे जाने-अनजाने में पूर्वाग्रह, जातिगत या सामाजिक भेदभाव को मिल सकता है बढ़ावा
छात्र साहिल ने छात्रावास में कर ली थी आत्महत्या, स्वजनों ने शिक्षक पर लगाया था भेदभाव का आरोप
पीटीआई, मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बांबे ने छात्रों, शिक्षकों (फैकल्टी) और स्टाफ सदस्यों को हिदायत दी है कि वह छात्रों से उनकी जन्म श्रेणी, प्रवेश श्रेणी और प्रवेश परीक्षा मसलन जेईई एडवांस्ड रैंक या गेट स्कोर जैसी जानकारियां न पूछें। इसे जाने-अनजाने में पूर्वाग्रह और जातिगत या सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है।
यह कदम संस्थान के छात्र साहिल वाकोडे (22) की आत्महत्या के करीब एक महीने बाद उठाया गया है। इसके बाद उनके माता-पिता ने एक शिक्षक पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था।
संस्थान की ओर से मंगलवार को जारी दिशा-निर्देशों का मकसद परिसर में समावेशिता बढ़ाना और जाति, धर्म तथा सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से परे छात्रों के बीच मेलजोल को बढ़ाना है।
इनमें कहा गया है कि किसी छात्र से जेईई (एडवांस्ड) की रैंक, गेट स्कोर या जाति का संकेत देने वाली ऐसी जानकारी पूछना अनुचित है, जिससे जाति या उससे जुड़ी बातें सामने आ सकती हों।
छात्र मामलों के डीन के कार्यालय की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि जिज्ञासावश पूछे जाने पर भी ऐसे सवालों का नकारात्मक असर हो सकता है और उन्हें भेदभावपूर्ण माना जा सकता है।
छात्र मामलों के डीन कार्यालय के ईमेल में अपमानजनक, नफरत फैलाने वाले, जातिवादी या लैंगिक भेदभाव वाले संदेशों और धर्म या यौन रुझान के आधार पर कट्टरता दिखाने वाली सामग्री को साझा या आगे भेजने पर सख्त रोक लगाई गई है।
यह रोक वााट्सएप, फेसबुक, ईमेल और आमने-सामने की बातचीत सभी पर लागू है। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। संस्थान ने छात्रों से विभाग, खेल, संगीत, फिल्म, गृहनगर और शौक जैसी साझा रुचियों के आधार पर आपस में जुड़ने की अपील की।
ये दिशा-निर्देश 18 सितंबर को छात्र साहिल वाकोडे (22) की मौत के बाद संस्थान की छात्र कल्याण व्यवस्था मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा हैं। वाकोडे 18 सितंबर को अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे।
वाकोडे के माता-पिता ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में कथित आत्महत्या के संबंध में दूल्ला से करीब 10 घंटे पूछताछ की थी।
इस बीच, छात्र मुख्य द्वार पर संवाद की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। माता-पिता आजान मैदान में भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
