नई दिल्ली (एजेंसी)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के सभी संस्थानों की रैंकिंग जारी करते हुए कहा है कि बेंगलुर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थान है। वैसे इस रैंकिंग सूची में दिल्ली के संस्थानों का बोलबाला रहा है। विज्ञान भवन में मंगलवार को एक कार्यक्रम में रैंकिंग की घोषषणा करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि मद्रास स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी-एम) सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज है।

साथ ही अहमदाबाद स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम-ए) सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन संस्थान है। शिक्षकों और शिक्षण संस्थाओं की रैकिंग करने वाले संगठन नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय का मिरांडा हाउस सर्वश्रेष्ठ कॉलेज घोषिषत किया गया है। कॉलेजों में दिल्ली का ही सेंट स्टीफन पहली बार रैंकिंग प्रक्रिया में शामिल हुआ और दूसरे स्थान पर आ गया। चौथे स्थान पर हिंदू कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स सातवें स्थान पर और लेडी श्रीराम कालेज फॉर वुमेन आठवें स्थान पर है।

दिल्ली से इतर, तीसरे स्थान पर तमिलनाडु के त्रिचरापल्ली का बिशप हेबर कॉलेज तीसरे स्थान पर, चेन्नई का लोयला कालेज छठे स्थान पर, हावडा का रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर और चेन्नई का मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज क्रमश: नौवें और दसवें स्थान पर है। प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान एम्स को देश का सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज घोषित किया गया है। साथ ही बेंगलुरु स्थित एनएलएलआईयू देश का सर्वश्रेष्ठ लॉ कॉलेज है। इसी तरह विश्वविद्यालय की श्रेणी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) जिस तरह से प्रथम आया है।

दूसरे नंबर में दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) तीसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर आए बेंगलुरु स्थित आईआईएससी को वषर्ष 1909 में उद्योगपति जमशेदजी नुस्सेरवांजी टाटा, मैसुर के महाराजा और भारत सरकार के सहयोग से बना था। इसकी स्थापना के समय से ही यह संस्थान विज्ञान और इंजीनियरिंग की मूलभूत शिक्षा दे रहा है। इस संस्थान में हुए शोधों ने उद्योग जगत और सामाजिक क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया है।

सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों का रैंकिंग में शामिल होना अनिवार्य

एजेंसी मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंगलवार को घोषणा की है कि अगले साल से सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की राष्ट्रीय रैंकिंग की प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो सरकारी शिक्षण संस्थान इस रैंकिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेंगे, उनके फंड में कटौती कर दी जाएगी। 

Posted By: Srishti Verma

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