नई दिल्ली। पार्टी से नाराज चल रहे भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने दावा किया कि उन्हें बतौर मुख्यमंत्री पेश किया जाता तो चुनाव का नतीजा पार्टी के लिए कुछ और ही होता।

उन्होंने कहा, 'मैं शेखी नहीं बघार रहा। लेकिन महसूस करता हूं कि जब बिहार के लोगों के लाडले, धरतीपुत्र और असली बिहारी बाबू को जानबूझ कर किनारे कर दिया गया तो इसका असर मेरे समर्थकों और फैंस पर असर होना ही था।'

एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में शत्रुघ्न ने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि इससे कितना फर्क पड़ता। लेकिन हम निश्चित तौर पर कुछ और सीटें पा सकते थे। मंत्री नहीं बनाए को लेकर नाराजगी पर उन्होंने कहा कि ये सब पुराने डॉयलाग हैं और निहित स्वार्थ वालों द्वारा उछाले गए हैं। कुछ लोगों ने ढेर सारे पद हड़प लिए हैं और मुझे कहते हैं कि मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हैं।

चुनावी पोस्टरों और बैनरों में उनका नाम शामिल नहीं किए जाने पर भाजपा सांसद ने कहा कि उनके समर्थकों ने महसूस किया कि किसी खास वजह से जानबूझ कर उन्हें किनारे किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पार्टी का एकमात्र प्रचारक बनाए जाने से भी असहमति जताई। लेकिन यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री प्रचार नहीं करते तो भाजपा को जितनी सीटें मिली हैं, वे भी नहीं मिलतीं।

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