विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

2006 बैच के अधिकारी, 2014 में मोदी की रैली पर विवादों में घिरे... फिर क्यों चर्चा में आए IAS प्रांजल यादव?

Published: Fri, 30 Oct 2026 10:15 AM (IST)

आईएएस प्रांजल यादव वाराणसी एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक की भूमिका को लेकर फिर चर्चा में हैं, जहां भाजपा ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया है।

फिर एक बार चर्चा में आए IAS प्रांजल यादव

फिर एक बार चर्चा में आए IAS प्रांजल यादव

HighLights

  1. प्रांजल यादव वाराणसी एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक की भूमिका में।

  2. भाजपा ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया, विरोध प्रदर्शन हुए।

  3. 2014 में पीएम मोदी की रैली अनुमति विवाद से भी जुड़े।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। IAS प्रांजल यादव का नाम फिर एक बार चर्चा में आ गया है। ये वही अधिकारी हैं, जिनका नाम 2014 में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर भी सामने आया था।

वहीं अब फिर एक बार वाराणसी MLC चुनाव में आईएएस प्रांजल यादव का नाम सुर्खियों में आ गया है। वाराणसी में MLC चुनाव की मतगणना के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक प्रांजल यादव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव में IAS प्रांजल यादव का नाम सामने आने से लोग ये भी जानना चाहते हैं कि आखिर ये अधिकारी हैं कौन, तो आइए जानते हैं।

कौन हैं IAS प्रांजल यादव?

प्रांजल यादव उत्तर प्रदेश कैडर के 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं। वाराणसी में उनका कार्यकाल वर्ष 2013 से शुरू हुआ था। 2014 में लोकसभा चुनाव में वे राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम के चलते चर्चा में आए।

IAS प्रांजल यादव अपने प्रशासनिक करियर में वाराणसी के जिलाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

पीएम मोदी को रैली को लेकर हुआ था विवाद

2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान IAS प्रांजल यादव ही वाराणसी के जिलाधिकारी थे। उस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पहली बार उम्मीदवार थे।

तब वाराणसी के बेनियाबाग मैदान में चुनावी रैली के लिए अनुमति को लेकर मामला सुर्खियों में आया था और इसी के साथ IAS प्रांजल यादव का नाम भी चर्चा का विषय बन गया था।

वाराणसी में रैली की अनुमति को लेकर भाजपा ने आपत्ति जताई थी और यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना था।

MLC चुनाव में लगे पक्षपात के आरोप

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बिहार में 23 अक्टूबर को विधान परिषद के चुनाव हुए। इन 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतदान हुआ। वहीं उत्तर प्रदेश में वाराणसी स्‍नातक एमएलसी चुनाव के दौरान IAS प्रांजल यादव चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में रहे।

वाराणसी में 27 अक्टूबर को MLC चुनाव की मतगणना शुरू हुई और 28 अक्टूबर तक जारी रही। वहीं मतगणना के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक प्रांजल यादव की भूमिका पर सवाल उठाए।

भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चुनाव पर्यवेक्षक प्रांजल यादव और समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अख‍िलेश यादव के ख‍िलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा ने आरोप लगाया क‍ि चुनाव पर्यवेक्षक प्रांजल यादव सपा के पक्ष में काम कर रहे हैं। इसी को लेकर मामला बढ़ गया है।

यह भी पढ़ें- यूपी-बिहार समेत चार राज्यों की 28 MLC सीटों पर कौन जीता और कौन हारा, पूरी लिस्ट