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स्वदेशी आत्मघाती ड्रोन विकसित करेगी वायुसेना, 16 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़कर बनेगा दुश्मनों का काल

Published: Tue, 16 Jun 2026 10:18 PM (IST)

भारतीय वायुसेना लंबी दूरी तक मार करने वाले स्वदेशी कामिकेज ड्रोन विकसित कर रही है, जो 16,000 फीट की ऊंचाई पर दिन-रात दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकेंगे।

फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया

फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया

HighLights

  1. वायुसेना विकसित कर रही लंबी दूरी के स्वदेशी कामिकेज ड्रोन

  2. ये ड्रोन 16,000 फीट की ऊंचाई पर करेंगे दिन-रात हमला

  3. सुलूर का 5 BRD होगा इस महत्वपूर्ण परियोजना का नोडल केंद्र

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना निरंतर अपनी मारक क्षमता बढ़ा रही है। इसी कवायद में उसने लंबी दूरी तक मार करने वाले स्वदेशी कामिकेज ड्रोन विकसित करने के लिए एक परियोजना शुरू की है। मानवरहित कामिकेज वन-वे अटैक ड्रोन या आत्मघाती ड्रोन को भारतीय उद्योग के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि वायुसेना ने वन-वे अटैक अनमैंड एरियल सिस्टम (ओडब्ल्यूए-यूएएस) के लिए भारतीय कंपनियों का चयन करने के लिए एक सीमित निविदा जारी की है।

स्वदेशी कामिकेज ड्रोन विक्सित करेगी IAF

कामिकेज ड्रोन प्रोजेक्ट को तमिलनाडु के कोयंबटूर के पास सुलूर स्थित पांच बेस रिपेयर डिपो (बीआरडी) द्वारा संचालित किया जाएगा। बीआरडी को इस महत्वपूर्ण काम के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि रक्षा मंत्रालय द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार, वायुसेना के पास ड्रोन प्लेटफार्म का बौद्धिक संपदा अधिकार रहेगा, जिसे पूरी तरह भारत में घरेलू कंपनियों और स्टार्ट-अप की मदद से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया जाएगा।

वायुसेना भविष्य में अपनी परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार ड्रोन में संशोधन, अपग्रेड और कस्टमाइजेशन करेगी। वायुसेना की आवश्यकताओं के मुताबिक, लंबी दूरी के कामिकेज ड्रोन 16 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होंगे और दिन-रात दोनों स्थितियों में काम करेंगे।

ऐसे काम करता है यह ड्रोन

कामिकेज ड्रोन या आत्मघाती ड्रोन मानवरहित हवाई वाहन है, जिसे विस्फोटकों से लैस किया जाता है। यह वन-वे अटैक ड्रोन उड़कर दुश्मन के इलाके में जाता है।

लक्ष्य की पहचान करता और फिर खुद उससे टकराकर क्रैश हो जाता है, जिससे लक्ष्य पर एक बड़ा विस्फोट होता है।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)