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IAF प्रमुख ने 5वीं पीढ़ी के जेट के लिए विदेशी विकल्पों का दिया संकेत, पाकिस्तान-चीन की साझेदारी पर भी जताई चिंता

Published: Sat, 03 Oct 2026 05:53 PM (IST)

भारतीय वायु सेना प्रमुख मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पाकिस्तान और चीन के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के सहयोग पर चिंता जताई है।

5वीं पीढ़ी के जेट के लिए विदेशी विकल्पों का दिया संकेत।

5वीं पीढ़ी के जेट के लिए विदेशी विकल्पों का दिया संकेत।

HighLights

  1. पाकिस्तान-चीन के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान सहयोग पर चिंता।

  2. IAF को जल्द ही पांचवीं पीढ़ी के विमान शामिल करने होंगे।

  3. AMCA में देरी पर अन्य लड़ाकू प्लेटफॉर्म पर विचार संभव।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना प्रमुख मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने के लिए पाकिस्तान और चीन का सहयोग भारत के लिए चिंता का विषय है।

अमर प्रीत सिंह ने कहा कि IAF फिलहाल इस खतरे का सामना कर सकती है, लेकिन भारत को जल्द ही पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान शामिल करने होंगे।

उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि यह चिंता की बात है, लेकिन क्या यह ऐसी स्थिति है जिससे निपटा नहीं जा सकता? मैं इससे सहमत नहीं हूं। हमारे पास क्षमताएं हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ एक प्लेटफॉर्म ही मायने रखता है। असल बात उस प्लेटफॉर्म को अपने सिस्टम में शामिल करना है। जैसे पाकिस्तान के पास दूसरे प्लेटफॉर्म थे, लेकिन जब हमने ऑपरेशन सिंदूर चलाया तो वे ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर पाए।

इसलिए, जब हम अलग-अलग प्लेटफॉर्म खरीदते हैं और उन्हें शामिल करते हैं, तो हमें यह पक्का करना होगा कि उन्हें हमारे सिस्टम में ठीक से शामिल किया जाए। तो, हम फिलहाल इस खतरे का सामना कर सकते हैं, जब कर कि वे इसे अपने सिस्टम में अच्छी तरह से शामिल न कर लें।

हमें जल्द ही पांचवीं पीढ़ी का विमान लाना होगा- IAF प्रमुख 

भविष्य के लिए, हमें आगे की सोचनी होगी। हमें जल्द ही पांचवीं पीढ़ी का विमान लाना होगा। हमें AMCA प्रोग्राम को आगे बढ़ाना होगा और अगर इसमें देरी होती है, तो हमें कुछ दूसरे फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के पास अभी 42 की मंजूर संख्या के मुकाबले 29 फाइटर स्क्वाड्रन हैं।

हर साल 36 से 40 लड़ाकू विमान शामिल करने की जरूरत- IAF प्रमुख

उन्होंने कहा कि कमी को पूरा करने के लिए फोर्स को हर साल 36 से 40 लड़ाकू विमान शामिल करने की जरूरत है। अगर AMCA पांचवीं पीढ़ी के विमान या दूसरे प्रोग्राम में देरी होती है, तो हमें दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म पर विचार करना पड़ सकता है।

पांचवीं पीढ़ी के किसी दूसरे लड़ाकू विमान की संभावना पर, सिंह ने कहा कि रूस ने भारत को अपने Su-57 जेट की पेशकश की है, लेकिन इस प्रस्ताव पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

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